बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘अर्नब’: 140 KM की रफ्तार, अलर्ट जारी

बंगाल की खाड़ी में उठने वाला मौसम का सिस्टम अब एक ‘अति भीषण चक्रवाती तूफान’ (Very Severe Cyclonic Storm) ‘अर्नब’ (Arnab) में तब्दील हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम लगातार उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। खतरे की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित कई तटीय राज्यों में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है।
चक्रवात ‘अर्नब’ से जुड़ी 10 सबसे अहम बातें:
1. लैंडफॉल का समय और स्थान मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ 28 अक्टूबर (मंगलवार) की सुबह या दोपहर के आसपास आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार करेगा। मुख्य रूप से इसका लैंडफॉल बापटला और विशाखापत्तनम के बीच होगा।
2. 140 KM/h की खौफनाक रफ्तार तट से टकराते समय हवा की गति बेहद खतरनाक होगी। अधिकतम निरंतर हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जो तेज झोंकों के साथ 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।
3. तूफान का वर्तमान रूट फिलहाल ‘अर्नब’ बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्व हिस्से में मौजूद है। ऊर्जा जुटाते हुए यह उत्तर-पश्चिम दिशा में तटीय इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
4. आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट और निकासी आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में प्रशासन ने रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए हैं। निचले और संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों (शेल्टर होम) पर पहुंचाया जा रहा है।
5. ओडिशा में भी गंभीर खतरा तूफान भले ही आंध्र तट पर टकराएगा, लेकिन पड़ोसी राज्य ओडिशा पर भी इसका व्यापक असर होगा। गजपति, गंजम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों के लिए विशेष ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
6. भूस्खलन की आशंका ओडिशा और आंध्र प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों, साथ ही दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का भारी खतरा पैदा हो गया है।
7. 30 अक्टूबर तक भारी बारिश कालाहांडी, कंधमाल, नवरंगपुर, बोलांगीर और पुरी सहित ओडिशा के कई अन्य जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को भारी बारिश होगी। पश्चिम बंगाल (कोलकाता सहित) में भी तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। 30 अक्टूबर के बाद मौसम साफ होने की उम्मीद है।
8. NDRF और SDRF की तैनाती बचाव कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की कई टीमें संवेदनशील तटीय क्षेत्रों में तैनात कर दी गई हैं। शेल्टर होम में खाने, पानी और दवाओं का पुख्ता इंतजाम किया गया है।
9. ट्रेनें और उड़ानें प्रभावित चक्रवात के कारण तटीय इलाकों में सड़क और रेल यातायात बाधित होने की पूरी संभावना है। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण कई उड़ानों और ट्रेनों को रद्द किया जा सकता है या उनके समय में बदलाव हो सकता है।
10. मछुआरों और नागरिकों को सख्त चेतावनी समुद्र में स्थिति बेहद खराब होने के कारण मछुआरों को अगले आदेश तक गहरे पानी में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और समुद्र तटों से दूर रहें।

