गांव सरकार चुनने के बीच विवाद! भीलवाड़ा में फर्जी वोटिंग के आरोप

राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। राज्य के 16 जिलों में 3,314 सरपंच पदों और 28,682 वार्ड पंचों के लिए मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा, जिसके बाद आज ही वोटों की गिनती पूरी कर देर रात तक नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। इस बार चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर के जरिए कराए जा रहे हैं, जहां हर वोटर सरपंच और पंच पद के लिए दो अलग-अलग वोट डाल रहा है।
इन जिलों में हो रहा है मतदान
आज फलोदी, बाड़मेर, भीलवाड़ा, पाली, सिरोही, डूंगरपुर, झालावाड़, अलवर, जोधपुर, उदयपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर, राजसमंद, नागौर और बीकानेर जिलों में मतदान हो रहा है। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदाताओं, विशेषकर युवा और बुजुर्गों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदान केंद्रों पर विशेष प्रबंध किए गए हैं।
डिप्टी सीएम ने डाला वोट, भीलवाड़ा में हंगामा
पंचायत चुनाव के इस दौर में राजनीतिक दिग्गजों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा ने अपने पैतृक गांव श्रीनिवास पुरा के बूथ नंबर-92 पर परिवार के साथ पहुंचकर अपना वोट डाला और लोगों से भारी संख्या में मतदान करने की अपील की।
दूसरी ओर, भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर स्थित पीपलुंद और उलेला पंचायत के बूथों पर फर्जी मतदान के आरोप को लेकर माहौल गरमा गया। ग्रामीणों ने रिटर्निंग अधिकारी पर धमकाने और कुछ लोगों द्वारा खुद ही वोट डालने के गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद वहां जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई।
बाड़मेर और पाली में शांतिपूर्ण मतदान, भीलवाड़ा में सबसे ज्यादा उम्मीदवार
बाड़मेर जिले की 10 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 359 ग्राम पंचायतों में 971 सरपंच प्रत्याши मैदान में हैं। यहाँ 60 सरपंच पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं, और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। इसी तरह पाली जिले की 1,513 ग्राम पंचायतों में भी सुबह से कतारें लगी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, इस चुनाव में सबसे ज्यादा उम्मीदवार भीलवाड़ा जिले में हैं, जहाँ 326 पंचायतों के लिए 2,097 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि राजसमंद जिले में सबसे कम उम्मीदवार मैदान में हैं।
युवाओं और पहली बार के वोटर्स में उत्साह
मतदान केंद्रों पर पहली बार वोट डालने वाले जेनजी (Gen Z) वोटर्स में भारी उत्साह नजर आ रहा है। सुबह के वक्त से ही युवा वर्ग पोलिंग बूथों के बाहर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। प्रशासन ने बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी अलग से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।

