टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 50 हजार का एडवांस, विदेश में नौकरी का लालच

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर रविवार को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस जानलेवा हमले को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों को पैसों के साथ-साथ विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया गया था।
विदेश में नौकरी का वादा और 50 हजार का एडवांस
पुलिस जांच में पता चला है कि बिहार के बेगूसराय निवासी 22 वर्षीय ऋतिक (उर्फ रोशन), और हरियाणा के सोनीपत निवासी 18 वर्षीय रेहान व 18 वर्षीय फूल सिंह को यह काम सौंपा गया था। एक अज्ञात ‘हैंडलर’ ने इनमें से एक आरोपी से संपर्क किया था।
हमले को अंजाम देने के लिए इन तीनों को 50 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे और वादा किया गया था कि मिशन सफल होने पर उन्हें विदेश में नौकरी और अतिरिक्त पैसे मिलेंगे। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह पैसा छोटी-छोटी किस्तों में क्यों भेजा गया था, ताकि इसके सोर्स का पता न लग सके।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा कनेक्शन
इस हमले की जिम्मेदारी जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एक करीबी साथी अनिल पंडित ने ली है। हमले के ठीक बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें एक व्यक्ति खुद को अनिल पंडित बताते हुए हिंदी में बात कर रहा है।
उस ऑडियो में अनिल पंडित ने दावा किया, “मैं अनिल पंडित हूं। मैं लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई जैसा हूं। आज टाइगर श्रॉफ के साथ जो कुछ भी हुआ, उसकी जिम्मेदारी मैं और हरमन संधू लेते हैं।” उसने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि टाइगर को समझाने की कोशिश की गई थी, लेकिन वह नहीं माना।
सलमान खान से जुड़े लोगों को भी दी धमकी
ऑडियो में अनिल पंडित ने बॉलीवुड और खासकर अभिनेता सलमान खान से जुड़े लोगों को खुली धमकी दी है। उसने कहा, “पूरी फिल्म इंडस्ट्री में जो कोई भी हमारे साथ जुड़े बिना काम करेगा, या सलमान खान के साथ काम करेगा, उसे मार दिया जाएगा। यह पहली और आखिरी चेतावनी है।”
कैसे हुआ था टाइगर पर हमला?
रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन लोग वहां पहुंचे। एक आरोपी बाइक स्टार्ट कर कुछ दूरी पर इंतजार कर रहा था, जबकि बाकी दो ने टाइगर की कार को निशाना बनाते हुए सात राउंड फायरिंग की।
इस घटना में गोलियों के छर्रे और कांच टूटने से टाइगर के हाथ में चोट आई, जबकि उनका ड्राइवर गोली लगने से घायल हो गया।
नेपाल भागने की फिराक में थे आरोपी
हमले के बाद हमलावर अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचे, वहां अपनी बाइक छोड़ी और ट्रेन पकड़कर फरार हो गए। आरोपियों को पकड़ने के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच ने 20 विशेष टीमें बनाई थीं। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच की मदद से इनका रूट ट्रेस किया गया।
मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान की कोटा पुलिस ने सोमवार सुबह तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन पर उस वक्त दबोच लिया, जब वे ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, इनकी योजना जयपुर और दिल्ली के रास्ते नेपाल भागने की थी। अब पुलिस उस ‘हैंडलर’ की तलाश कर रही है जिसने इन्हें सुपारी दी थी।

