गाजियाबाद की 5 सीटों पर BJP का कब्जा, क्या 27 में भी कायम रहेगा किला?

उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गाजियाबाद जिले की राजनीति पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इर्द-गिर्द घूमती है। जिले की सभी पांच प्रमुख विधानसभा सीटों—लोनी, मुरादनगर, साहिबाबाद, गाजियाबाद सदर और मोदीनगर—पर वर्तमान में भाजपा का कब्जा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने इन सीटों पर एकतरफा जीत हासिल की थी। हाल ही में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद गाजियाबाद सदर सीट पर हुए उपचुनाव में भी भाजपा के संजीव शर्मा ने जीत दर्ज कर पार्टी का दबदबा बरकरार रखा।
आगामी 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस का गठबंधन इस अभेद्य किले में सेंध लगाने की रणनीति तैयार कर रहा है।
गाजियाबाद का इतिहास और सामाजिक ताना-बाना
दिल्ली से सटे इस जिले की स्थापना 1740 में वजीर गाजी-उद-दीन ने की थी, तब इसे गाजीउद्दीननगर कहा जाता था। रेलवे लाइन बिछने के बाद इसका नाम गाजियाबाद पड़ा। 14 नवंबर 1976 को तत्कालीन मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने इसे मेरठ से अलग कर जिले का दर्जा दिया था।
2011 की जनगणना (हापुड़ जिले के अलग होने के बाद) के अनुसार, जिले की आबादी करीब 33.23 लाख और साक्षरता दर 85 प्रतिशत है। धार्मिक जनसांख्यिकी के लिहाज से गाजियाबाद में 72.93 प्रतिशत हिंदू और 25.35 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इसके अतिरिक्त सिख (0.49%), ईसाई (0.41%) और जैन (0.35%) समुदाय की भी मौजूदगी है, जो कई सीटों पर हार-जीत का मार्जिन तय करने की क्षमता रखते हैं।
2022 का चुनावी रिपोर्ट कार्ड: साहिबाबाद में रिकॉर्ड तो लोनी में कांटे की टक्कर
पिछले विधानसभा चुनाव में गाजियाबाद जिले की सीटों पर भाजपा और राष्ट्रीय लोक दल (RLD)-सपा गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिला था।
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साहिबाबाद: यह सीट भाजपा की सबसे सुरक्षित सीटों में गिनी जाती है। 2022 में भाजपा के सुनील कुमार शर्मा ने 3,22,882 वोट हासिल कर सपा के अमरपाल शर्मा को 2,14,835 वोटों के विशाल अंतर से हराया था।
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लोनी: मुस्लिम और गुर्जर बहुल इस सीट पर मुकाबला बेहद कड़ा रहा। भाजपा के नंद किशोर गुर्जर (1,27,410 वोट) ने RLD के मदन भैया (1,18,734 वोट) को 8,676 वोटों के करीबी अंतर से मात दी।
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मुरादनगर: भाजपा के अजीत पाल त्यागी ने 1,69,290 वोट पाकर RLD के सुरेंद्र कुमार मुन्नी को 97,095 वोटों से शिकस्त दी।
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मोदीनगर: प्रशासनिक रूप से गाजियाबाद और लोकसभा क्षेत्र के लिहाज से बागपत का हिस्सा माने जाने वाले मोदीनगर में भाजपा की डॉ. मंजू शिवाच ने 1,13,349 वोट पाकर RLD के सुदेश शर्मा को 34,619 वोटों से हराया।
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धौलाना (आंशिक): मुख्य रूप से हापुड़ जिले में आने वाली इस सीट का कुछ हिस्सा गाजियाबाद से जुड़ा है। यहां भाजपा के धर्मेश सिंह तोमर ने सपा के असलम अली को 12,628 वोटों से हराया था।
गाजियाबाद सदर: अतुल गर्ग से संजीव शर्मा तक
गाजियाबाद शहर (सदर) सीट पर 2022 में भाजपा के अतुल गर्ग ने 1,50,205 (61.37 प्रतिशत) वोट हासिल कर सपा के विशाल वर्मा को 1,05,537 वोटों के बड़े मार्जिन से हराया था। 2024 के लोकसभा चुनाव में अतुल गर्ग के गाजियाबाद का सांसद निर्वाचित होने के बाद यह सीट खाली हुई। इसके बाद हुए विधानसभा उपचुनाव में भाजपा ने संजीव शर्मा पर दांव लगाया और उन्होंने पार्टी की जीत का सिलसिला कायम रखा।
2027 की बिसात: BJP का जनाधार बनाम PDA रणनीति
आगामी 2027 के चुनावों में भाजपा अपने मजबूत शहरी वोटर बेस और औद्योगिक विकास के दम पर सभी पांचों सीटों को बचाने मैदान में उतरेगी। दूसरी तरफ, सपा और कांग्रेस गठबंधन (INDIA ब्लॉक) पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक (PDA) समीकरण और शहरी मतदाताओं को अपने पाले में खींचने की कोशिश करेगा। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के अकेले चुनावी मैदान में उतरने की स्थिति में गाजियाबाद की कई सीटों, विशेषकर लोनी और मुरादनगर में मुकाबला त्रिकोणीय हो सकता है।

