कोलकाता में 19 मौतों से हड़कंप, शाह ने अस्पताल में जाना घायलों का हाल

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार रात बारिश के दौरान मची भगदड़ के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। इस दर्दनाक हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 13 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। इसके अलावा 25 लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने 7 आयोजकों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित करने का ऐलान किया है और कई इलाकों में निषेधाज्ञा (धारा 163) लागू कर दी गई है।
अमित शाह ने रद्द किए कार्यक्रम, घायलों से की मुलाकात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस भयावह घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने सभी पूर्व निर्धारित पूजा पंडाल कार्यक्रमों को रद्द कर दिया। रविवार सुबह कालीघाट मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद अमित शाह, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ कोलकाता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और घायलों का हाल जाना।
7 लोग गिरफ्तार, कई पंडाल अस्थायी रूप से बंद
कोलकाता पुलिस ने इस घटना में कड़ी कार्रवाई करते हुए पंडाल कमेटी से जुड़े 12 लोगों को पहले हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
हादसे के बाद प्रशासन ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। भीड़भाड़ वाले कई बड़े दुर्गा पूजा आयोजनों को प्रशासन ने अस्थायी रूप से पंडाल बंद करने की सलाह दी है। बता दें कि कोलकाता में इस बार करीब 3,500 दुर्गा पंडाल लगाए गए हैं, जिनका पुलिस और प्रशासन की टीमें सघन निरीक्षण कर रही हैं।
मेडिकल कॉलेज और आसपास के इलाकों में धारा 163 लागू
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोलकाता पुलिस कमिश्नर ने शहर के कुछ हिस्सों (विशेषकर कोलकाता मेडिकल कॉलेज और आसपास के इलाकों) में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है। आदेश के मुताबिक:
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यह धारा 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर (तीन दिनों) तक लागू रहेगी।
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इन इलाकों में किसी भी रैली, बैठक, जुलूस, धरना या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी।
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पुलिस को आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व या संगठन सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे रोकने के लिए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।
पीड़ित परिवारों को 25 लाख और सरकारी नौकरी का ऐलान
कोलकाता मेडिकल कॉलेज में हुई इमरजेंसी बैठक के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने बताया कि इस भगदड़ में 17 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 2 लोगों ने बाद में दम तोड़ दिया। 25 घायलों में से 24 की स्थिति खतरे से बाहर है।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे की घोषणा करते हुए कहा:
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प्रत्येक मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
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सभी घायलों का 100 प्रतिशत मेडिकल खर्च सरकार उठाएगी और उन्हें 5-5 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने खुद 13 पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिया है।
सभी 58 हजार पूजा समितियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य में चल रही 58,000 दुर्गा पूजाओं की समितियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने आयोजकों से पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की अपील की है। इसमें पर्याप्त लाइटिंग, सही एंट्री-एग्जिट पॉइंट और भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना शामिल है।

