लखनऊ-एक्सप्रेस का इंजन फेल हो गया, राजनाथ-योगी पर अखिलेश का तंज

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गौरव त्रिपाठी
गौरव त्रिपाठी

 केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन पर और बीजेपी पर तीखा राजनीतिक तंज कसा है। अखिलेश यादव ने इशारों-इशारों में उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) और केंद्र के बीच कथित खींचतान की ओर इशारा करते हुए इसे ‘दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस’ करार दिया।

‘दिल्ली के इंजन ने लखनऊ को हटाने का फैसला कर लिया है’

कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सुना है सत्ताधारियों की तरफ़ से कोई बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस हो रही है। लगता है ‘लखनऊ-एक्सप्रेस’ का इंजन फ़ेल हो गया है, तभी दिल्ली के इंजन ने लखनऊ की कमान किसी और को थमाने का अंदरूनी फ़ैसला कर लिया है।”

अखिलेश ने आगे लिखा, “ये प्रेस कॉन्फ्रेंस तो बस दिखावटी है, असली खेल तो लखनऊ के इंजन को खटारा साबित करके उसे पर्मानेंट हटाने का है। अब लखनऊवालों की रक्षा कौन करेगा?” सपा प्रमुख का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जिसे यूपी सरकार और केंद्र के बीच संभावित मतभेदों की अफवाहों से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजनाथ सिंह ने प्रेस वार्ता में क्या कहा था?

इससे पहले, रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस और विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी संगठन देश के युवाओं को राष्ट्र निर्माण में लगाने के बजाय राजनीतिक टकराव और अराजकता का मोहरा बना रहे हैं।

‘रेजीम चेंज के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा’

राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर सत्ता हथियाने के लिए देश में अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ये लोग बांग्लादेश की तर्ज पर ‘रेजीम चेंज’ (सत्ता परिवर्तन) कराना चाहते हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलकर कहा जाता है कि रेजीम चेंज के लिए बांग्लादेश से प्रेरणा ली गई है, तो दूसरा डंके की चोट पर सरकार गिराने की बात करता है।”

रक्षा मंत्री ने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य न तो चुनाव सुधार है, न ही एसआईआर (SIR) या युवाओं का भविष्य है, बल्कि उनका एकमात्र एजेंडा लोकतांत्रिक संस्थाओं को ध्वस्त कर अराजकता के जरिए सत्ता हासिल करना है।

‘लोकतंत्र अराजकता फैलाने का लाइसेंस नहीं’

राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी और विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि लोकतंत्र अराजकता फैलाने, संवैधानिक संस्थाओं की साख पर चोट करने या भारत की विकास यात्रा में बाधा डालने का लाइसेंस नहीं है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कल की टिप्पणी भी इसी ओर इशारा करती है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानून का सम्मान करना आवश्यक है।