फ्रैंकफर्ट से दिल्ली आ रही फ्लाइट में हाईजैक अलर्ट, जयपुर में उतरा विमान

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से 306 यात्रियों को लेकर नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की एक फ्लाइट (AI2030) को बुधवार को जयपुर डायवर्ट कर दिया गया। विमान से हाईजैक (अपहरण) का अलर्ट जारी होने के बाद आपातकालीन स्थिति में यह कदम उठाया गया। हालांकि, हवाई अड्डा अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पायलट द्वारा गलती से अलर्ट ट्रिगर होने का मामला लग रहा है।
आइसोलेशन बे में जांच, 306 यात्री सुरक्षित
जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रमुख चरण सिंह ने बताया कि फ्लाइट AI2030 सुबह 9:35 बजे जयपुर में सुरक्षित लैंड कर गई। लैंडिंग के तुरंत बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान को ‘आइसोलेशन बे’ (Isolation Bay) में ले जाया गया।
सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 306 यात्रियों को विमान से सुरक्षित निकाला और एयरपोर्ट टर्मिनल में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), स्थानीय पुलिस और बम निरोधक दस्तों ने विमान और यात्रियों के सामान की सघन तलाशी ली। हवाई अड्डा अधिकारी ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा।
क्या होता है ‘स्कवॉक 7500’ सिग्नल?
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना तब शुरू हुई जब अहमदाबाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को उड़ान के दौरान विमान से कुछ पल के लिए ‘स्कवॉक 7500’ (Squawk 7500) सिग्नल मिला।
विमानन क्षेत्र में यह एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त ट्रांसपोंडर कोड है। इसका इस्तेमाल विमान के संभावित हाईजैक या उसमें किसी गैरकानूनी हस्तक्षेप (Unlawful Interference) का संकेत देने के लिए किया जाता है। इसी सिग्नल के मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं और उड़ान को दिल्ली के बजाय जयपुर मोड़ दिया गया।
बम की धमकी या हाईजैक?
शुरुआत में घटना को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति थी कि यह बम की धमकी है या अपहरण का मामला। एक हवाई अड्डा अधिकारी ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ को बताया कि यह अलर्ट संभावित अपहरण से जुड़ा था, न कि बम की धमकी से।
जयपुर एयरपोर्ट के प्रमुख चरण सिंह के अनुसार, प्रारंभिक संकेत यही बताते हैं कि पायलट ने गलती से यह अलर्ट एक्टिवेट कर दिया होगा। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और जांचकर्ताओं ने आधिकारिक तौर पर इस मानवीय भूल की पुष्टि नहीं की है।
अब तक किसी भी अधिकारी या जांच एजेंसी ने विमान में वास्तविक हाईजैक के प्रयास की पुष्टि नहीं की है। सुरक्षा जांच के अंतिम नतीजे आना अभी बाकी हैं। इस घटनाक्रम को लेकर फिलहाल एयर इंडिया की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

