राहुल समेत 11 नेताओं ने उठाया SIR का मुद्दा, AAP-DMK ने क्यों बनाई दूरी?

मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ विपक्षी दलों का ‘INDIA’ गठबंधन आज (मंगलवार) एक बार फिर एकजुट हो रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं को आगे की रणनीति तय करने के लिए चाय पर बुलाया है, जिसके बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी।
सोमवार को राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक विशाल मार्च निकाला था और 11 नेताओं ने मिलकर चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त याचिका दाखिल की थी।
11 नेताओं ने दाखिल की संयुक्त याचिका
हाल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में एक साथ याचिका दाखिल की है। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, सुप्रिया सुले, संजय राउत, डी. राजा, महुआ माजी, एम. ए. बेबी और ई. टी. मोहम्मद बशीर जैसे शीर्ष नेता शामिल हैं। इन नेताओं ने चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों को पार्टी (प्रतिवादी) बनाया है।
राहुल गांधी ने इस विपक्षी एकजुटता की सराहना करते हुए ‘X’ पर कहा, “आज जो कुछ हुआ, उसे देखकर बहुत खुशी होती है। सबने एक टीम की तरह काम किया। यह एक ही आंदोलन है, जिसमें हम सब एक साथ खड़े हैं।”
विरोध में सुर एक, लेकिन गठबंधन से दूर 5 पार्टियां
दिलचस्प बात यह है कि SIR को रद्द करने और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तो पूरा विपक्ष कर रहा है, लेकिन 5 बड़ी पार्टियां कांग्रेस के नेतृत्व वाले इस संयुक्त मोर्चे से दूरी बनाए हुए हैं। इनमें AAP, DMK, BJD, BRS और TVK शामिल हैं।
1. आम आदमी पार्टी (AAP) की तल्खी दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान आप और कांग्रेस के बीच बढ़ी दूरियां इस आंदोलन में साफ दिख रही हैं। आप ने स्पष्ट कर दिया है कि जहां कांग्रेस का नेतृत्व होगा, वहां पार्टी नहीं जाएगी। आप नेता संजय सिंह ने कहा, “हम सड़क से संसद तक लड़ रहे हैं। हमारे विधायकों को हिरासत में लिया गया, अरविंद केजरीवाल को घसीटा गया। हम लड़ रहे हैं कि ज्ञानेश कुमार को जाना होगा।” वहीं, आप नेता दुर्गेश पाठक ने राहुल गांधी के मार्च पर तंज कसते हुए कहा, “एक देश, एक प्रोटेस्ट और दो नियम- एक को घर में अरेस्ट और दूसरे को 5 स्टार ट्रीटमेंट।” उनका इशारा 10 अक्टूबर को आप/सीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की ओर था।
2. DMK और कांग्रेस के बीच ‘विश्वासघात’ का आरोप तमिलनाडु में चुनाव के बाद गठबंधन टूटने से DMK और कांग्रेस में भारी खटास है। कांग्रेस ने DMK का साथ छोड़कर सीएम सी. जोसेफ विजय (TVK) को समर्थन दे दिया है। इससे नाराज एमके स्टालिन की पार्टी ने कहा है कि कांग्रेस के विश्वासघात के बाद वे INDIA ब्लॉक से बाहर हो गए हैं, इसलिए वे कांग्रेस के आंदोलनों में हिस्सा नहीं लेंगे।
3. टीवीके (TVK) और सीएम विजय की चुप्पी तमिलनाडु में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चला रहे TVK प्रमुख और सीएम विजय भी INDIA गठबंधन के कार्यक्रमों से दूर हैं। DMK ने इस मुद्दे पर सीएम विजय की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि TVK और बीजेपी के बीच ‘गुप्त गठबंधन’ है। वहीं, कांग्रेस का दावा है कि TVK इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।
4. BJD और BRS का रुख नवीन पटनायक की बीजू जनता दल (BJD) 6 अक्टूबर के मार्च में तो शामिल हुई थी, लेकिन उसके बाद दिल्ली के अन्य कार्यक्रमों से उसने दूरी बना ली है। वहीं, के. चंद्रशेखर राव की BRS पहले की तरह ही INDIA गठबंधन से अलग-थलग खड़ी है।

