Fly Dubai: दो उड़ानों में की रेकी, तीसरी में साजिश को अंजाम देने की कोशिश

तेल अवीव के बेन गुरियन (Ben Gurion) एयरपोर्ट पर फ्लाईदुबई (Flydubai) के विमान को क्रैश कराकर बड़ा आत्मघाती हमला करने की साजिश रचने वाले 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अभियोजन पक्ष (Public Prosecution) ने बताया कि आरोपी के चरमपंथी विचारों की शुरुआत तब हुई जब वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहा था।
अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने बताया कि आरोपी ने अपने वकील की मौजूदगी में विस्तृत इकबालिया बयान दिया है और दावा किया है कि उसने यह पूरी साजिश अकेले रची थी। आरोपी पर 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से हमला कर विमान का नियंत्रण छीनने का आरोप है।
ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान चरमपंथ की ओर बढ़ा
यूएई जांचकर्ताओं के अनुसार, को-पायलट के चरमपंथी बनने के शुरुआती संकेत 2017 में मिले, जब वह ऑस्ट्रेलिया में था। उसने ऑनलाइन चरमपंथी साहित्य पढ़ना और आतंकवादी संगठनों का महिमामंडन करने वाली सामग्री देखना शुरू कर दिया था।
आरोपी ने जांचकर्ताओं को बताया कि मेलबर्न में पढ़ाई के दौरान वह एक स्थानीय मस्जिद में जाया करता था, जहां उसकी मुलाकात ‘माई सेंटर’ (My Centre) नामक जगह से जुड़े लोगों से हुई। आरोपी के दावों के मुताबिक, यह सेंटर मुस्लिम ब्रदरहुड (Muslim Brotherhood) से जुड़ा था। हालांकि, यूएई अभियोजन ने अभी तक इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
9/11 हमलों से प्रेरित होकर चुना था एविएशन करियर
को-पायलट ने कबूल किया कि वह 11 सितंबर 2001 (9/11) को अमेरिका में हुए विमान हमलों से काफी प्रभावित था और इसी तरह का एक बड़ा आत्मघाती हमला करना चाहता था। अटॉर्नी जनरल अल शम्सी ने बताया कि इसी खौफनाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए उसने एविएशन (Aviation) में करियर बनाने का फैसला किया था।
उसने मानसिक और शारीरिक रूप से खुद को तैयार करने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली सामग्री देखी और एक निजी कोच से बॉक्सिंग की ट्रेनिंग भी ली।
तीन एयरलाइंस में काम किया, 2 बार की तेल अवीव की रेकी
आरोपी ओमानी नागरिक ने 2020 से 2024 तक ओमान एयर (Oman Air), 2025 की शुरुआत में रॉयल एयर मैरोक् (Royal Air Maroc) और अंत में जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई (Flydubai) में नौकरी की।
भर्ती के दौरान उसने पायलट लाइसेंस और अच्छे आचरण का प्रमाण पत्र (Certificate of Good Conduct) भी दिया था, जिसके चलते सुरक्षा जांच में उसकी कट्टरपंथी मानसिकता पकड़ में नहीं आ सकी। जांच में पता चला है कि तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट और वहां के रास्तों की जानकारी जुटाने (रेकी) के लिए उसने पहले भी तेल अवीव की दो उड़ानें भरी थीं। 30 सितंबर को अपनी तीसरी उड़ान में उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम देने की कोशिश की।
कॉकपिट में क्या हुआ था?
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान आरोपी को-पायलट ने फ्लाइट FZ1073 के कैप्टन पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। कैप्टन ने खुद को बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया।
इसी दौरान, विमान में मौजूद एक अन्य पायलट (जो वापसी की उड़ान के लिए था) को कॉकपिट का दरवाजा बार-बार खुलने और बंद होने पर शक हुआ। उसने एक्सेस कोड डालकर कॉकपिट में प्रवेश किया और कैप्टन को लहूलुहान हालत में देखा। इसके बाद क्रू मेंबर्स और कुछ यात्रियों की मदद से आरोपी को काबू में किया गया।
घटना के तुरंत बाद विमान का नियंत्रण सुरक्षित हाथों में लिया गया और फ्लाइट को सऊदी अरब के ताबुक हवाई अड्डे (Tabuk Airport) की ओर मोड़कर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। मेडिकल रिपोर्ट में भी कैप्टन के सिर पर लगी चोटों की पुष्टि हुई है, जो कुल्हाड़ी के हमले से मेल खाती हैं। फिलहाल, यूएई की एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और संभावित सहयोगियों का पता लगा रही हैं।

