9/11 जैसी साजिश, ओमानी को-पायलट का निशाना था इजरायली एयरपोर्ट

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के लोक अभियोजन ने 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई (flydubai) की फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना को लेकर बड़े खुलासे किए हैं। दुबई से तेल अवीव जा रही इस उड़ान के 29 वर्षीय ओमानी को-पायलट ने इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल पर 9/11 जैसा आत्मघाती हमला करने की साजिश रची थी। यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने इस पूर्व-नियोजित आतंकी साजिश के तरीके और आरोपी के बैकग्राउंड से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
कॉकपिट में कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान आरोपी को-पायलट ने विमान का नियंत्रण छीनने के लिए कैप्टन पर इमरजेंसी कुल्हाड़ी (emergency axe) से हमला कर दिया। कैप्टन ने इसका विरोध किया और मदद के लिए आवाज लगाई।
विमान में यात्रा कर रहे एक अन्य ऑफ-ड्यूटी पायलट, केबिन क्रू के एक सदस्य और कुछ यात्रियों ने तुरंत दखल दिया। इन लोगों ने मिलकर आरोपी को काबू किया और घायल कैप्टन की मदद की। इसके बाद रिप्लेसमेंट फ्लाइट क्रू ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और इसे डायवर्ट कर सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया।
9/11 हमलों से ली थी ‘प्रेरणा’, रेकी के लिए की तेल अवीव की उड़ान
यूएई के जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी ने अपने बयान में कबूल किया है कि वह 11 सितंबर 2001 (9/11) के आतंकी हमलों से प्रेरित था। उसका मकसद विमान पर कब्जा कर उसे बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल से टकराना था, ताकि बड़े पैमाने पर लोगों की जान जा सके।
हमले की रूपरेखा तैयार करने के लिए आरोपी 30 सितंबर की घटना से पहले दो बार तेल अवीव की उड़ानों पर ड्यूटी कर चुका था, ताकि रूट और इजरायली एयरपोर्ट की बारीकी से जानकारी (रेकी) जुटा सके।
2017 में ऑस्ट्रेलिया से जुड़ा कट्टरपंथ का तार
अधिकारियों ने को-पायलट के कट्टरपंथ की ओर मुड़ने के तार 2017 से जोड़े हैं, जब वह ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहा था। जांच के मुताबिक, उसने वहां आतंकी संगठनों और आत्मघाती हमलों का महिमामंडन करने वाले चरमपंथी साहित्य और ऑनलाइन कंटेंट को एक्सेस किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने इस हमले के लिए खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार किया था और इसके लिए बॉक्सिंग की ट्रेनिंग भी ली थी।
सुरक्षा जांच में नहीं मिला था कोई सुराग
अटॉर्नी जनरल ने स्पष्ट किया कि फ्लाईदुबई में नियुक्ति के समय आरोपी ने सभी आवश्यक पेशेवर और सुरक्षा मानकों को पूरा किया था। उसके पास वैध पायलट लाइसेंस और ‘गुड कंडक्ट’ का सर्टिफिकेट मौजूद था। भर्ती के समय हुई चेकिंग में उसकी चरमपंथी विचारधारा या किसी साजिश का कोई संकेत नहीं मिला था।
आरोपी के करियर रिकॉर्ड के मुताबिक, उसने 2020 से 2024 तक ओमान एयर में काम किया। इसके बाद 2025 की शुरुआत में वह रॉयल एयर मारोक (Royal Air Maroc) से जुड़ा और जनवरी 2026 में उसने फ्लाईदुबई जॉइन की थी।
इकबालिया बयान और आगे की जांच
मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि कैप्टन के सिर पर लगी चोटें किसी कुल्हाड़ी जैसे हथियार से किए गए वार से मेल खाती हैं। आरोपी ने अपने वकील की मौजूदगी में अपना जुर्म कबूल कर लिया है और दावा किया है कि इस पूरी साजिश में वह अकेला था।
यूएई का लोक अभियोजन फिलहाल सबूतों, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और तकनीकी रिपोर्ट की जांच कर रहा है। अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या आरोपी का कोई साथी या किसी अन्य आतंकी संगठन से सीधा कनेक्शन है।

