BJP की जीत पर अमरपाल मौर्य गदगद, अखिलेश और CJP पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल की मुस्लिम बाहुल्य रेजीनगर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत को लेकर पार्टी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद अमरपाल मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस जीत को विपक्ष के लिए ‘करारा जवाब’ बताते हुए मौर्य ने समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव, कांग्रेस गठबंधन और दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर विपक्ष पर कड़े प्रहार किए हैं।
‘बंगाल की जनता ने धर्म की राजनीति को नकारा’
रेजीनगर में भाजपा की जीत का स्वागत करते हुए अमरपाल मौर्य ने कहा कि बंगाल की जनता ने अपने वोट के जरिए धर्म और जाति की राजनीति करने वाली विपक्षी पार्टियों को स्पष्ट संदेश दे दिया है।
उन्होंने कहा, “विपक्षी पार्टियां सिर्फ लोगों को गुमराह करने का काम करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार जो भी योजनाएं लाती है, उनका लाभ हर वर्ग और धर्म के व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के मिलता है। भाजपा कभी भी पंथ या धर्म की राजनीति नहीं करती। पीएम मोदी का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा केवल कहने के लिए नहीं है, इसे जमीनी हकीकत में बदला गया है।”
अखिलेश यादव के ‘अहंकार’ पर पलटवार
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के सवाल पर सांसद मौर्य ने कड़ा पलटवार किया।
उन्होंने कहा, “जिन्हें केवल परिवार की विरासत के दम पर सत्ता मिल जाती है, वे अक्सर अहंकार में डूबी बातें करते हैं। अखिलेश यादव का अहंकार पिछले 10 सालों से सत्ता से बाहर रहने के बावजूद कम नहीं हुआ है। उन्हें सोचना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार उन्हीं के शासनकाल में पनपा था। वे राम मंदिर के नाम पर सवाल किस मुंह से उठाते हैं? आज देश का नेतृत्व एक ऐसा बेटा कर रहा है जिसे अपने परिवार से ज्यादा देशवासियों की फिक्र है।”
‘कांग्रेस-सपा की लड़ाई सिर्फ परिवारवाद के लिए’
उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन पर मौर्य ने साफ किया कि भाजपा के सामने कोई चुनौती नहीं है। उन्होंने कहा, “सपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां केवल परिवारवाद के इर्द-गिर्द घूमती हैं। सोनिया गांधी को सिर्फ इस बात की चिंता है कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री कैसे बनें, और अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव का राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करने में लगे रहते हैं।”
CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दो टूक: ‘सरकार के फैसलों पर सवाल न उठाएं’
10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन और सुरक्षा कारणों से ट्रेनें रद्द किए जाने के मामले पर सांसद ने प्रशासन का बचाव किया।
अमरपाल मौर्य ने कहा, “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं। राज्य या केंद्र सरकार को सुरक्षा के मद्देनजर फैसले लेने का पूरा अधिकार है और ऐसे प्रशासनिक फैसलों पर सवाल नहीं खड़े किए जाने चाहिए।” उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जो लोग लंबे समय से सत्ता से बेदखल हैं, वे अब नए चेहरों और संगठनों को आगे कर धरना-प्रदर्शन के नाम पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा करती है और भाजपा इस तरह की राजनीतिक साजिशों से विचलित नहीं होगी।

