CJP प्रदर्शन पर चिराग की नसीहत, बोले- सड़क जाम से जनता परेशान न हो

मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। हरियाणा के सोनीपत स्थित निफ्टम (NIFTEM) संस्थान में एक कार्यक्रम के दौरान चिराग ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना सबका अधिकार है, लेकिन समाधान सड़कों पर जाम लगाकर नहीं बल्कि सार्थक बातचीत से ही निकल सकता है।
‘अगर गंभीरता है तो चुनाव आयोग से बात करे प्रतिनिधिमंडल’
जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में प्रदर्शन होना स्वाभाविक और जरूरी है। उन्होंने कहा, “अगर प्रदर्शन करना ही मकसद है तो आज करें या 10 दिन बाद करें। लेकिन अपनी राजनीति चमकाने के लिए दिल्ली की सड़कों पर जाम लगाकर आम जनता को परेशान करना उचित नहीं है।”
चिराग पासवान ने सुझाव दिया कि यदि राजनेता वास्तव में इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं, तो उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त से सीधे बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए सड़क पर उतरकर हंगामा करने के बजाय एक औपचारिक प्रतिनिधिमंडल बनाकर बातचीत के लिए जाना चाहिए।
‘युवाओं को रोका नहीं जा सकता, पर संवाद जरूरी है’
सीजेपी द्वारा देशभर के युवाओं से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील और इसके जवाब में ट्रेनें रद्द करने व सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के सवाल पर चिराग पासवान ने बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा, “ये भारत के युवा हैं और इन्हें किसी भी तरह से रोका नहीं जा सकता है।”
युवाओं की हिस्सेदारी का समर्थन करते हुए चिराग ने कहा कि युवाओं का दिल्ली आना और अपने सुझाव देना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि उन्होंने खुद भी युवाओं के लिए एक ऐसा मंच तैयार किया है, जहां वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध और रचनात्मक सुझाव रख सकते हैं।
दिल्ली पुलिस ने अनुमति से किया इनकार, गिनाईं वजहें
इधर, दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर सीजेपी और छात्र संगठनों के इस प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली रेंज की जॉइंट पुलिस कमिश्नर नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी वजह बताई। उन्होंने बताया कि पुलिस को प्रदर्शन का आवेदन बेहद कम समय पहले प्राप्त हुआ था, जबकि नियमों के अनुसार किसी भी बड़े प्रदर्शन की सूचना प्रशासन को कम से कम 10 दिन पहले दी जानी चाहिए। पुलिस कमिश्नर ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व में जब सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, तब आयोजकों ने कानूनी निर्देशों और खुद द्वारा दिए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया था, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस बार मंजूरी रद्द कर दी गई है।

