और खुल ही गया मक्का डिफेंस कार्ड, सऊदी पहुंचेगी पाक-तुर्किए की फोर्स

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

यमन के हूती विद्रोहियों के साथ बढ़ते तनाव के बीच मध्य पूर्व की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सैन्य कदम उठाया गया है। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए ने अपने साझा ‘मक्का रक्षा गठबंधन’ (Mecca Defense Alliance) को सक्रिय कर दिया है। सोमवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में तीनों देशों की रणनीतिक राजनीतिक एवं रक्षा समिति (SPDC) की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को लागू करने और सऊदी अरब में सैन्य बलों की त्वरित तैनाती को लेकर सहमति बनी है।

साझा सेना की तैनाती पर सहमति, संख्या का खुलासा नहीं

रियाद बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में बताया गया कि तीनों देश अपनी सामूहिक रक्षा से जुड़ी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाएंगे। इस समझौते के तहत तय किए गए सैन्य बलों और क्षमताओं को उपलब्ध कराने और जरूरत पड़ने पर उन्हें सऊदी अरब में तेजी से तैनात करने की व्यवस्था की गई है।

आधिकारिक बयान में हूती विद्रोहियों का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि तुर्किए और पाकिस्तान की ओर से कितने सैनिक भेजे जाएंगे या उनकी तैनाती की समयसीमा क्या होगी।

पाकिस्तानी और तुर्किए सेना की क्या होगी भूमिका?

इस आपात बैठक में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने किया।

बैठक को लेकर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी कार्यक्रम में सेना की भूमिका स्पष्ट की। उनके मुताबिक, सऊदी अरब की आवश्यकता के अनुसार उसे सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। ख्वाजा आसिफ ने बताया कि सऊदी सेना मुख्य युद्ध अभियानों का मोर्चा संभाल रही है, जबकि पाकिस्तान और तुर्किए की सेनाएं फिलहाल सहयोगी की भूमिका में रहेंगी। पाकिस्तानी सेना मुख्य रूप से टोही (Reconnaissance) और निगरानी से जुड़े अभियानों में मदद कर रही है।

मक्का-मदीना और आर्थिक ठिकानों की सुरक्षा पर जोर

SPDC की इस बैठक में सऊदी अरब के नागरिक इलाकों, आर्थिक प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने की निंदा की गई। विशेष रूप से मक्का और मदीना जैसे इस्लाम के पवित्र शहरों की सुरक्षा को लेकर किसी भी संभावित खतरे या हमले की कोशिश पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।

पाकिस्तान और तुर्किए के प्रतिनिधिमंडलों ने सऊदी सशस्त्र बलों की तैयारियों की सराहना की और भरोसा दिया कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा में पूरी तरह से उसके साथ खड़े हैं।

यमन में सऊदी गठबंधन का सैन्य अभियान

यमन में सऊदी समर्थित गठबंधन ने हूतियों के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में अपना सैन्य अभियान तेज कर दिया है। सऊदी नेतृत्व वाले इस गठबंधन का मुख्य लक्ष्य हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस हासिल करना है। यमन में जारी इसी जमीनी संघर्ष और सऊदी क्षेत्र पर संभावित हमलों की आशंकाओं के मद्देनजर मक्का रक्षा गठबंधन की इस आपात बैठक को बुलाया गया और सेनाओं की तैनाती का फैसला लिया गया।