जानिए हॉर्मुज पर ईरान की 7 शर्तें और यमन की नई सैन्य कार्रवाई का असर

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड- ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड- ईरान

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के जल्द खुलने की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है। ईरान ने रविवार को स्पष्ट किया कि जब तक अमेरिका पूर्व सहमति के तहत तय की गई सात शर्तों को पूरा नहीं करता, तब तक यह समुद्री मार्ग प्रभावी तौर पर बंद ही रहेगा। दूसरी ओर, यमन में सऊदी समर्थित सरकार ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान छेड़ने की घोषणा कर दी है। इन दोहरे घटनाक्रमों ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को नए स्तर पर पहुंचा दिया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर पड़ रहा है।

हॉर्मुज पर ईरान का 7 शर्तों वाला प्रस्ताव, मिसाइलों की रेंज बढ़ाने का ऐलान

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान वाशिंगटन के सामने एक प्रस्ताव रखा था, जिसके तहत यदि अमेरिका सात शर्तों को स्वीकार करता है तो सात दिनों के भीतर समुद्री यातायात सामान्य किया जा सकता है। अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के जरिए इस पर जवाब तो दिया है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कदमों की समयसीमा और प्राथमिकताओं को लेकर मतभेद बने हुए हैं।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान अब भी कूटनीति का रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की, तो ईरान कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही ईरानी सेना ने रविवार को अपनी मिसाइलों की मारक क्षमता (रेंज) बढ़ाने की योजना का भी ऐलान किया।

यमन में जमीनी और हवाई मोर्चा, बाब अल-मंदेब पर बढ़ा खतरा

यमन की सऊदी समर्थित सरकार ने रविवार को ईरान समर्थित हूतियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान में सऊदी अरब हवाई हमलों की कमान संभाल रहा है, जबकि यमनी सेना जमीनी मोर्चे पर आगे बढ़ रही है।

हाल ही में हूतियों ने लाल सागर के दक्षिणी मुहाने पर स्थित रणनीतिक ‘बाब अल-मंदेब’ जलडमरूमध्य के नजदीकी इलाकों पर कब्जा कर लिया था। हॉर्मुज के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल हो रहे इस मार्ग के पास सैन्य टकराव बढ़ने से वैश्विक समुद्री व्यापार पर दोहरा दबाव आ गया है।

हूतियों ने सऊदी हवाई हमलों के जवाब में रविवार को रियाद और खुरैस में स्थित सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागने का दावा भी किया है, हालांकि सऊदी अरब ने इन दावों की तत्काल पुष्टि नहीं की है।

कच्चा तेल $100 के पार, ओपेक प्लस ने नहीं बदला उत्पादन लक्ष्य

क्षेत्रीय संघर्ष गहराने से ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजार में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जबकि फरवरी में युद्ध शुरू होने से पहले यह करीब 73 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था।

ओपेक प्लस (OPEC+) ने रविवार को नवंबर के लिए अपने उत्पादन लक्ष्यों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि खाड़ी के तेल उत्पादक देश युद्ध के चलते निर्यात में आ रही रुकावटों के कारण अपने निर्धारित कोटे से काफी कम तेल निकाल पा रहे हैं।

यूएई में विमान सेवाओं पर असर, FZ1073 की जांच तेज

खाड़ी के हवाई क्षेत्र में तनाव के चलते संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में उड़ानों पर असर देखा गया है। दुबई और अबू धाबी हवाई अड्डों से परिचालन जारी रहने के बावजूद रविवार को कई उड़ानों में देरी हुई, जबकि ‘फ्लाईदुबई’ (flydubai) और ‘एयर अरेबिया’ की कुछ सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। एयरलाइंस ने यात्रियों को हवाई अड्डे पहुंचने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांचने की सलाह दी है।

गत सप्ताह फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई घटना की जांच भी यूएई प्रशासन द्वारा तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के बीच यह तथ्य भी सामने आया है कि उड़ान से पहले यूएई ने यात्रियों और क्रू का डेटा इजरायल के साथ साझा किया था। अब जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि कैप्टन पर हमला करने का आरोपी को-पायलट सुरक्षा जांच से कैसे बच निकला।