लिपोप्रोटीन (ए) क्या है? हार्ट अटैक और स्ट्रोक के छिपे खतरे को ऐसे पहचानें

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स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. आशुतोष दुबे
स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉ. आशुतोष दुबे

क्या आपने कभी ‘लिपोप्रोटीन (ए)’ या Lipoprotein(a) के बारे में सुना है? अगर नहीं, तो चिंता न करें। आप अकेले नहीं हैं। यह कार्डियोवैस्कुलर (हृदय संबंधी) बीमारियों का एक ऐसा प्रमुख जोखिम कारक (Risk Factor) है, जिससे ज्यादातर लोग पूरी तरह अनजान हैं।

हर व्यक्ति को जीवन में कम से कम एक बार ब्लड टेस्ट के जरिए इसकी जांच जरूर करानी चाहिए। आइए जानते हैं लिपोप्रोटीन (ए) क्या है और अगर यह बहुत ज्यादा हो जाए, तो आपको क्या करना चाहिए।

लिपोप्रोटीन (ए) या Lp(a) आखिर क्या है?

“लिपोप्रोटीन (ए) खून का एक घटक है। इसकी संरचना काफी हद तक ‘खराब’ माने जाने वाले LDL कोलेस्ट्रॉल जैसी होती है।” फर्क सिर्फ इतना है कि इसके साथ एक अतिरिक्त प्रोटीन— एपोलिपोप्रोटीन (ए) जुड़ा होता है।

  • आप लिपोप्रोटीन को शरीर की एक ‘मालवाहक टैक्सी’ (Freight Taxi) की तरह समझ सकते हैं, जो खून के जरिए शरीर में फैट (वसा) को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है।

  • आपके खून में कितना Lp(a) है, यह पूरी तरह से जेनेटिक्स (आनुवांशिकी) पर निर्भर करता है। आपकी डाइट या एक्सरसाइज इसके स्तर को कम या ज्यादा नहीं कर सकती।

  • एक हाई Lp(a) लेवल शरीर के लिए अच्छी खबर नहीं है।

हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा क्यों बढ़ाता है Lp(a)?

जब खून में Lp(a) की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है, तो यह LDL कोलेस्ट्रॉल की तरह ही धमनियों (Arteries) की दीवारों पर जमा होने लगता है। अगर व्यक्ति धूम्रपान करता है, तो यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।”

  1. ब्लॉकेज का खतरा: धमनियों में जमा होने के कारण स्ट्रोक, हार्ट अटैक और पैरों में ब्लड सर्कुलेशन की समस्या (PAOD) होने का खतरा बहुत ज्यादा हो जाता है।

  2. खून के थक्के (Blood Clots): उच्च स्तर पर Lp(a) शरीर में सूजन बढ़ाता है। इससे खून के थक्के जल्दी बनते हैं और बहुत धीरे-धीरे पिघलते हैं।

कितना लेवल माना जाता है खतरनाक?

इसकी जांच के दो तरीके हैं। इसके खतरे को इन मानकों से समझा जा सकता है:

  • नॉर्मल (Normal): 30 mg/dl या 75 nmol/l से कम।

  • मध्यम जोखिम (Moderate Risk): 30-50 mg/dl या 75-105 nmol/l के बीच। (इसके ऊपर व्यक्ति रिस्क ग्रुप में आ जाता है)।

  • अत्यधिक जोखिम (Very High Risk): 180 mg/dl या 430 nmol/l से ऊपर।

अगर बढ़े हुए Lp(a) के साथ आपका LDL कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) भी हाई है, तो हार्ट अटैक की संभावना काफी बढ़ जाती है।

क्या यह लेवल बदलता है? टेस्ट कितनी बार कराएं?

दुनिया भर में करीब 20 से 30 प्रतिशत लोगों का Lp(a) लेवल ज्यादा है। यह कोई दुर्लभ समस्या नहीं है। अच्छी बात यह है कि आपको बार-बार इसका टेस्ट कराने की जरूरत नहीं है। चूंकि यह पूरी तरह जेनेटिक है, इसलिए चिकित्सा दिशानिर्देशों के अनुसार ‘जीवन में केवल एक बार’ इसकी जांच कराना पर्याप्त है।

Lp(a) लेवल हाई है, तो क्या करें?

अगर टेस्ट में आपका Lp(a) स्तर हाई आता है, तो डॉक्टर आपको तुरंत लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देंगे:

  • स्वस्थ दिनचर्या: “हेल्दी डाइट, तंबाकू और शराब से दूरी, नियमित एक्सरसाइज, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वजन को कंट्रोल में रखने से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।”

  • इलाज की सीमाएं: वर्तमान में विशेष रूप से Lp(a) कम करने की दवाइयां मौजूद नहीं हैं। गंभीर मामलों में ‘लिपोप्रोटीन एफेरेसिस’ (एक तरह की ब्लड वॉशिंग) का इस्तेमाल किया जाता है। अगर आपका LDL कोलेस्ट्रॉल भी हाई है, तो उसे कम करने के लिए ‘स्टैटिन’ (Statins) दी जाती हैं।

Lp(a) को खास तौर पर कम करने वाली नई दवाइयां अपने क्लिनिकल ट्रायल के अंतिम चरण में हैं। तब तक के लिए अपनी लाइफस्टाइल को बेहतर बनाए रखना ही सबसे बड़ा बचाव है।