‘नेता’ नहीं ‘भाई सुखबीर’, युवाओं के बीच क्यों बदला बादल का अंदाज?

sukhbeer singh
महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

पंजाब में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां अभी से तेज हो गई हैं। राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने इस बार युवा और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं (First Time Voters) पर अपना पूरा फोकस कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ‘वाइब पंजाब दी’ (Vibe Punjab Di) अभियान की अगुवाई कर रहे हैं, जिसका मकसद पारंपरिक राजनीति से हटकर युवाओं के साथ सीधा और अनौपचारिक संवाद स्थापित करना है।

पटियाला में छात्रों से की ‘कैजुअल’ बातचीत

हाल ही में पटियाला में आयोजित ‘वाइब पंजाब दी’ कार्यक्रम के दौरान सुखबीर बादल बिल्कुल नए अवतार में नजर आए। उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक भाषण देने के बजाय छात्रों के साथ एक अनौपचारिक और दोस्ताना अंदाज में बातचीत की और खुद को ‘भाई सुखबीर’ कहकर संबोधित किया।

इस इंटरेक्टिव सेशन में बादल ने कॉलेज लाइफ, पंजाब के भविष्य, राज्य के विकास, परिवार और यहां तक कि अपने खान-पान की पसंद (पिज्जा, पास्ता, दाल और डाइट कोक) जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने अपने पिता और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत प्रकाश सिंह बादल की यादें और अपनी बेटियों के साथ अपने रिश्तों को भी साझा किया।

‘सोच-समझकर चुनें पंजाब का भविष्य’

युवाओं को संबोधित करते हुए सुखबीर बादल ने 2027 के चुनावों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “पंजाब की कमान किसके हाथ में होनी चाहिए, इसका फैसला युवाओं को बहुत सोच-समझकर करना चाहिए।” बादल का मुख्य संदेश ‘विकास और विजन वाली लीडरशिप’ पर केंद्रित था। उन्होंने कहा, “एक सही व्यक्ति राज्य की पूरी दिशा बदल सकता है, इसलिए आपको ऐसे व्यक्ति को चुनना चाहिए जो वास्तव में विकास कर सके।”

अकाली सरकार (2007-2017) की उपलब्धियां गिनाईं

अपने संवाद के दौरान सुखबीर बादल ने शिरोमणि अकाली दल की 2007 से 2017 तक की सरकार के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने युवाओं को याद दिलाया कि उनके कार्यकाल के दौरान पंजाब में:

  • चार लेन वाली विश्व स्तरीय सड़कों का जाल बिछाया गया।

  • थर्मल प्लांट स्थापित कर बिजली संकट दूर किया गया।

  • AIIMS, IIT, IISER, NIPER और ISB जैसे उच्च शिक्षण और शोध संस्थान राज्य में लाए गए।

इसके अलावा, उन्होंने कृषि प्रधान पंजाब की खेती को आधुनिक बनाने के लिए ‘हाइड्रोपोनिक्स’ जैसी नई तकनीकों को अपनाने और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की सख्त जरूरत पर बल दिया।

युवा वोटरों को साधने की नई रणनीति

पंजाब की सभी प्रमुख राजनीतिक पार्टियां फिलहाल युवा वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश में जुटी हैं। ऐसे में अकाली दल का ‘वाइब पंजाब दी’ अभियान एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। इसे पार्टी की अपनी पारंपरिक ‘पंथक’ और ग्रामीण राजनीति की छवि से बाहर निकलकर शहरी और नवयुवा मतदाताओं तक पहुंचने की एक सुनियोजित रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान सुखबीर बादल द्वारा छात्रों के सवालों के बेबाक और सीधे जवाब देने से वहां एक बेहद व्यक्तिगत और सकारात्मक माहौल बना, जो 2027 के चुनावी समर में अकाली दल के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।