दिल्ली से मुंबई तक EC के खिलाफ प्रदर्शन, ‘जेल भरो’ से गरमाया माहौल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के खिलाफ विपक्ष और नागरिक संगठनों के संयुक्त विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद शुक्रवार (2 अक्टूबर) को देश की राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई तक राजनीतिक पारा चढ़ गया है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। गांधी जयंती के दिन आयोजित इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है और सुरक्षा के मद्देनजर 11 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही रोक दी गई है।
सौरभ भारद्वाज हिरासत में, आप ने मांगा CEC का इस्तीफा
चुनाव आयोग के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तैयारी कर रही आम आदमी पार्टी को पुलिस ने अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद जब पार्टी नेता सौरभ भारद्वाज मौके पर पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें तुरंत हिरासत में ले लिया। आम आदमी पार्टी लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। ‘आप’ नेताओं का आरोप है कि चुनाव आयोग निष्पक्षता खो चुका है और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी कर रहा है।
दिल्ली में धारा 163 लागू, छावनी में तब्दील हुआ जंतर-मंतर
नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए BNSS की धारा 163 लागू की गई है, जिसके तहत किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन, मार्च या अनधिकृत सभा पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने जनता से पुलिस का सहयोग करने और संवेदनशील इलाकों में न आने की अपील की है।
जंतर-मंतर और आसपास के पूरे इलाके में भारी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और दंगा-रोधी वाहनों को तैनात किया गया है। वहीं, सुरक्षा इंतजामों के तहत राजीव चौक, जनपथ, केंद्रीय सचिवालय और मंडी हाउस सहित कुल 11 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं।
‘जनता का महाभियोग’: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का तीखा हमला
प्रदर्शन के समर्थन में उतरे स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “घबराई हुई सरकार ने जंतर-मंतर के आसपास के 11 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं। इस मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर जनता के महाभियोग को शुरू करने की तैयारी करनी है। हमारा झंडा सिर्फ तिरंगा होगा और तस्वीर सिर्फ बापू की। गांधी जयंती पर हमें अहिंसा के रास्ते पर चलकर जवाब देना है।”
वहीं, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में हो रहा यह प्रदर्शन ज्ञानेश कुमार और उनके आकाओं के खिलाफ है, जो लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
मुंबई के शिवाजी पार्क पर भी तनाव, भाजपा का CJP पर पलटवार
दिल्ली के साथ-साथ मुंबई में भी चुनाव आयोग के खिलाफ माहौल गरमाया हुआ है। मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क मैदान में CJP को प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दादर और शिवाजी पार्क के आसपास सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया गया है।
इस प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए भाजपा विधायक राम कदम ने कहा, “लोकतंत्र में हर दल को आंदोलन करने का अधिकार है। लेकिन शिवाजी पार्क का मैदान चुनना, जहां आसपास बड़े अस्पताल हैं और रिहायशी इलाका है, यह कैसी मानसिकता है? क्या वे अस्पताल के मरीजों को तकलीफ पहुंचाना चाहते हैं?”
गांधी जयंती के दिन चुनाव आयोग, एसआईआर (SIR) प्रक्रिया और चुनावी शुचिता के मुद्दों को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव अब सड़कों पर खुलकर सामने आ गया है।

