चीन के राष्ट्रीय दिवस पर अमेरिकी बधाई में ‘Prosperity’ शब्द क्यों नहीं?

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के वाशिंगटन दौरे से लौटने के महज पांच दिन बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन के 77वें राष्ट्रीय दिवस पर एक ऐसा बधाई संदेश जारी किया, जो एक विजिटिंग कार्ड पर भी आसानी से फिट हो जाए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से जारी इस संक्षिप्त बधाई संदेश में दोनों देशों के बीच हुए व्यापारिक समझौतों या इस साल के अंत में शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच प्रस्तावित बैठकों का कोई जिक्र नहीं किया गया।
संदेश से ‘समृद्धि’ शब्द की छुट्टी
बुधवार को बीजिंग में राष्ट्रीय दिवस की सुबह से ठीक पहले यह संदेश जारी हुआ। अमेरिका ने हमेशा की तरह 1 अक्टूबर से पहले चीन को बधाई देने की अपनी परंपरा तो निभाई, लेकिन संदेश के शब्दों में बड़ी कटौती कर दी।
संदेश में कहा गया: “संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर से, मैं 1 अक्टूबर को जनवादी गणराज्य चीन की स्थापना की 77वीं वर्षगांठ पर चीन के लोगों को बधाई देता हूं। संयुक्त राज्य अमेरिका चीन के लोगों के लिए सद्भावना (Goodwill) के साथ-साथ आने वाले वर्ष में शांति, स्वास्थ्य और खुशी की कामना करता है।”
पिछले साल के विपरीत, इस बार रुबियो के बधाई संदेश से ‘समृद्धि’ (Prosperity) शब्द पूरी तरह गायब था। पिछले बयान में चीनी लोगों के लिए “स्वास्थ्य, खुशी, समृद्धि और शांति” की कामना की गई थी।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
नई दिल्ली स्थित ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) के फेलो अतुल कुमार ने इस बदलाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि “सद्भावना” शब्द को शामिल करना ध्यान खींचने वाला है, क्योंकि शी जिनपिंग ट्रंप प्रशासन के साथ एक रचनात्मक और स्थिर संबंध बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, कुमार ने स्पष्ट किया: “संदेश से ‘समृद्धि’ शब्द का हटना दोनों देशों के बीच गहरी होती आर्थिक प्रतिद्वंद्विता (Economic Rivalry) को दर्शाता है।” उन्होंने कहा कि विदेश विभाग ने कूटनीतिक शिष्टाचार तो बनाए रखा, लेकिन ट्रंप और जिनपिंग के बीच होने वाले उच्च-स्तरीय शिखर सम्मेलन का कोई स्पष्ट समर्थन नहीं किया।
शी-ट्रंप के रिश्ते को बताया ‘रणनीतिक संपत्ति’
इस बीच, वाशिंगटन स्थित चीनी दूतावास में आयोजित राष्ट्रीय दिवस के रिसेप्शन में चीनी राजदूत झी फेंग ने शी और ट्रंप के बीच संबंधों को द्विपक्षीय संबंधों में “सबसे मूल्यवान रणनीतिक संपत्ति” करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के व्यक्तिगत जुड़ाव ने गंभीर और अहम मोड़ों पर अमेरिका-चीन संबंधों को पटरी पर रखने में मदद की है।
सहयोग से लेकर मुकाबले तक: कैसे बदले अमेरिका के बधाई संदेश?
अमेरिका का यह बधाई संदेश केवल एक छुट्टी की औपचारिकता नहीं है; इसके शब्द और लंबाई हर साल वाशिंगटन और बीजिंग के रिश्तों का हाल बयां करते हैं:
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ओबामा का दौर (सहयोग): पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय (हिलेरी क्लिंटन और जॉन केरी के कार्यकाल में) बयानों में दोनों देशों के बीच सहयोग और एक-दूसरे की “समृद्धि” को एक-दूसरे के लिए अच्छा बताया जाता था।
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ट्रंप का पहला कार्यकाल (तनाव): रेक्स टिलरसन के समय तक संदेशों में शांति और समृद्धि की कामना थी, लेकिन 2019 के टैरिफ युद्ध (Tariff War) के बाद माइक पोम्पिओ के संदेशों से द्विपक्षीय संबंधों के जिक्र काफी हद तक कम हो गए।
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बाइडेन प्रशासन (प्रबंधन): पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने अपने संदेशों में जलवायु परिवर्तन और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर मिलकर काम करने की बात कही थी, लेकिन 2024 के संदेश में केवल “जिम्मेदारी से संबंध प्रबंधित करने” का ही जिक्र था।
अब मार्को रुबियो के छोटे और ‘समृद्धि’ रहित संदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि दोनों महाशक्तियों के बीच सहयोग के बजाय कड़ी प्रतिस्पर्धा का दौर आगे भी जारी रहने वाला है।

