सैटेलाइट तस्वीरों में दिखा मौसम का बदलाव, क्या अब बारिश पर लगेगा ब्रेक?

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर और मध्य भारत में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। इस साल का मॉनसून (Monsoon) अब अपने वापसी के दौर में है। उत्तर-पश्चिम भारत से मॉनसून की विदाई की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसे भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है। इन तस्वीरों में उत्तर और मध्य भारत के ऊपर छाया घने बादलों का डेरा छंटता नजर आ रहा है और आसमान पूरी तरह साफ हो गया है।

कहां तक पहुंची मॉनसून की वापसी रेखा?

IMD के ताजा अपडेट के अनुसार, मॉनसून की वापसी की रेखा (Line of Withdrawal) इस समय गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है और धीरे-धीरे अरब सागर की ओर बढ़ रही है।

गौरतलब है कि मॉनसून ने लगभग 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से लौटना शुरू किया था। वहीं, 23 सितंबर को इसने दिल्ली से विदाई ले ली थी, जो राजधानी में मॉनसून वापसी की सामान्य तारीख (25 सितंबर) से थोड़ा पहले था।

अगले हफ्ते उत्तर भारत पर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए मौसम के इस बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि 6 अक्टूबर के बाद अगले हफ्ते उत्तर भारत पर एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) असर डाल सकता है, जिससे मौसम में फिर से हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।

कहीं आसमान साफ, तो कहीं अब भी छाए हैं बादल

ताजा सैटेलाइट तस्वीरें यह भी दर्शाती हैं कि मॉनसून की वापसी पूरे देश में एक समान नहीं है। जहां उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्से अब सूखे और साफ नजर आ रहे हैं, वहीं पूर्वी और दक्षिणी भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी बादल छाए हुए हैं और बारिश का दौर जारी है।

इस हफ्ते दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ जैसे राज्यों के लिए मौसम विभाग ने कोई बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि यहां से मॉनसून पूरी तरह विदा हो चुका है। हालांकि, हाल ही में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण इन राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी।

कब तक पूरी तरह विदा होगा मॉनसून?

IMD के अधिकारियों का कहना है कि मॉनसून के और आगे लौटने की घोषणा हवाओं के पैटर्न, नमी के स्तर में कमी और मौसम के लगातार शुष्क बने रहने के आधार पर की जाती है। आमतौर पर पूरे देश से मॉनसून की मुकम्मल विदाई अक्टूबर महीने में ही होती है। इस समय हवाओं का बड़ा पैटर्न दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के दायरे से पूरी तरह हट जाता है। इसलिए, भले ही उत्तर भारत का आसमान साफ लग रहा हो, लेकिन देश के कुछ अन्य हिस्सों में मॉनसून अभी भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है।