उत्तराखंड में कहां-कहां फंसे यात्री, बद्रीनाथ हाईवे बंद होने से क्या है स्थिति

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अजमल शाह
अजमल शाह

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और लगातार हो रहे लैंडस्लाइड ने पहाड़ों पर जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। रुद्रप्रयाग में भारी भूस्खलन के बाद प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अगले आदेश तक रोक दिया है। खराब मौसम के बीच हाईवे पर मलबा आने से करीब 4000 तीर्थयात्री रास्तों में फंस गए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा रोक दी है और हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले ही सस्पेंड की जा चुकी हैं। वहीं, मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के चार जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

बद्रीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ बना मुसीबत

लगातार हो रही बारिश के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरोबगड़ एक बार फिर यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। धारी देवी मंदिर के पास पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर हाईवे पर आ गिरे, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया है।

सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। नेशनल हाईवे की मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन पहाड़ी से लगातार गिर रहे पत्थरों और खराब मौसम के चलते सड़क को सुरक्षित तरीके से खोलने में भारी दिक्कत आ रही है। करीब तीन दशकों से सिरोबगड़ का यह डेंजर ज़ोन बद्रीनाथ यात्रा के लिए एक स्थायी चुनौती बना हुआ है। हर मानसून में यहां मलबा आता है, लेकिन इस पुरानी समस्या का कोई स्थायी समाधान धरातल पर नहीं उतर सका है।

4 जिलों में रेड अलर्ट, अगले 24 घंटे भारी

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए उत्तराखंड के टिहरी, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी जिले में बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इसके अलावा नैनीताल, रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। वहीं, अल्मोड़ा, चंपावत, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में ‘येलो अलर्ट’ है। मौसम विभाग ने इन जिलों में लोगों और यात्रियों से विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

खतरे के निशान की तरफ उफनती अलकनंदा और मंदाकिनी

पहाड़ों पर हो रही इस व्यापक बारिश से अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं। रविवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.100 मीटर और मंदाकिनी का जलस्तर 625.100 मीटर दर्ज किया गया।

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रुद्रप्रयाग का डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (DEOC) अलर्ट मोड पर है। प्रशासन लाउडस्पीकर के जरिए नदी किनारे बसे और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दे रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।

मॉनसून का रिपोर्ट कार्ड: कहीं सूखा, कहीं 153% ज्यादा बारिश

उत्तराखंड में 1 जून 2026 से 25 सितंबर 2026 तक मानसून सीजन में कुल 1162 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो राज्य के औसत से करीब एक प्रतिशत अधिक है।

हालांकि, अलग-अलग जिलों के आंकड़ों में भारी असमानता देखने को मिली है। जहां बागेश्वर में मानसून के दौरान सामान्य से 153 प्रतिशत, चमोली में 65 प्रतिशत, टिहरी में 25 प्रतिशत और अल्मोड़ा में 23 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं, पौड़ी जिले में माइनस 40 प्रतिशत, चंपावत में माइनस 28 प्रतिशत, नैनीताल में माइनस 22 प्रतिशत और उत्तरकाशी में माइनस 16 प्रतिशत बारिश दर्ज की गई है।