चुनाव आयोग की बैठक पर चिराग पासवान की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और अन्य आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों और ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार (26 सितंबर, 2026) को हुई आयोग की अहम बैठक ने एक बड़ा संदेश दिया है। बैठक में तीनों चुनाव आयुक्तों की मौजूदगी और उसके बाद जारी स्पष्टीकरण ने कई अटकलों पर विराम लगा दिया है। चुनाव आयोग के इस कदम के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने चुनाव आयोग की इस पहल का स्वागत करते हुए बड़ा बयान दिया है।

‘जनता की चिंताओं को आयोग के सामने रखना मेरा दायित्व’

चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्होंने जनता की चिंताओं को ही चुनाव आयोग के समक्ष उठाया था।

उन्होंने लिखा, “जनता के मन में जब भी कोई सवाल या चिंता होती है, तो उसे सामने रखना और उसका स्पष्ट समाधान सुनिश्चित करना मेरा दायित्व है। यकीनन SIR को लेकर जनता की ओर से जो चिंताएं हमारे सामने आईं, उन्हें इसी जिम्मेदारी के साथ हमने चुनाव आयोग के समक्ष रखा था।”

‘चुनाव आयोग की स्पष्टता से विश्वास मजबूत हुआ’

केंद्रीय मंत्री ने आयोग द्वारा जारी किए गए स्पष्टीकरण पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि उनकी यही अपेक्षा थी कि चुनाव आयोग हर पहलू को स्पष्ट करे।

चिराग ने आगे लिखा, “आज चुनाव आयोग ने बिंदुवार तरीके से सभी महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। SIR की प्रक्रिया, तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति और कैबिनेट सचिव के साथ हुई बैठक से जुड़े तथ्यों को भी स्पष्ट रूप से सामने रखा गया है। यह स्पष्टता लोकतंत्र में जनता के विश्वास को और मजबूत करती है।”

चुनाव आयोग ने बैठक में क्या अहम फैसले लिए?

शनिवार दोपहर तीन बजे हुई ECI की अहम बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मतदाताओं की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए:

  • अनमैप्ड (Unmapped) और लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी (Logical Discrepancy) के मामलों में जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, उन्हें अब सुनवाई के लिए निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) या AERO के कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।

  • बूथ लेवल अधिकारी (BLO) खुद ऐसे लोगों के घर जाकर जरूरी दस्तावेज एकत्र करेंगे।

  • BLO द्वारा इन दस्तावेजों को ‘ECINet’ पर अपलोड किया जाएगा, जिसके आधार पर ERO अपना फैसला सुनाएंगे।

आयोग के इस फैसले से बड़ी संख्या में उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिन्हें मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान तकनीकी कारणों से नोटिस भेजे गए थे। तीनों चुनाव आयुक्तों की साझा बैठक और इन फैसलों ने फिलहाल आयोग के भीतर किसी भी तरह के ‘विवाद’ की खबरों को खारिज कर दिया है।