गाजा पुनर्निर्माण से UNRWA को क्यों रखा गया बाहर और हमास ने क्या कहा?

फिलिस्तीनी शरणार्थियों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी (UNRWA) को गाजा के पुनर्निर्माण से बाहर रखने की योजना पर विवाद गहरा गया है। इस्लामिक रेजिस्टेंस मूवमेंट हमास ने अमेरिका द्वारा बनाए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। हमास ने इस कदम को इजरायल के रुख के साथ पूरी तरह से मेल खाने वाला बताया है।
दशकों से विस्थापित फिलिस्तीनियों की मदद कर रही UNRWA को किनारे करते हुए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण की अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ रहा है।
हमास की प्रतिक्रिया: ‘यह इजरायली एजेंडे का समर्थन’
हमास के प्रवक्ता हाजेम कासिम ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि गाजा में पुनर्निर्माण की योजनाओं से UNRWA को दूर रखने का फैसला स्पष्ट तौर पर इजरायली एजेंडे का समर्थन है।
उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि जो ‘बोर्ड ऑफ पीस’ गाजा को राहत पहुंचाने या इजरायल को संघर्षविराम समझौते का पालन करने के लिए मजबूर करने में पूरी तरह नाकाम रहा है, वह UNRWA के खिलाफ ऐसा आक्रामक रुख अपना रहा है। कासिम ने कहा कि गाजा में रोजाना लोगों की हत्याएं हो रही हैं और यह बोर्ड इसे रोकने में विफल है।
शरणार्थी समितियों ने बताया ‘खतरनाक घटनाक्रम’
हमास के अलावा, ‘पॉपुलर कमिटीज फॉर फिलिस्तीन रिफ्यूजीज’ ने भी बोर्ड के इस फैसले की निंदा की है। समितियों ने शनिवार को अपने बयान में इसे एक ‘बेहद खतरनाक घटनाक्रम’ करार दिया।
उनके मुताबिक, बोर्ड का यह फैसला सीधे तौर पर इजरायल की उस नीति को स्वीकार करना है, जिसके तहत वह सालों से UNRWA को कमजोर करने और गाजा से उसका अस्तित्व खत्म करने की कोशिश कर रहा है। समितियों ने चेतावनी दी कि UNRWA को निशाना बनाने का मतलब केवल एक मानवीय सहायता एजेंसी पर हमला नहीं है, बल्कि यह फिलिस्तीनी शरणार्थियों से जुड़े सबसे अहम मुद्दे को खत्म करने की साजिश है।
डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाले बोर्ड पर आड़ देने का आरोप
शरणार्थी समितियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाला यह बोर्ड UNRWA, उसके संस्थानों और कर्मचारियों पर लगातार बनाए जा रहे इजरायली दबाव को राजनीतिक संरक्षण दे रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रक्रिया से एजेंसी के कर्मचारियों की सुरक्षा और लाखों शरणार्थियों को मिलने वाली सेवाएं खतरे में पड़ सकती हैं। समितियों ने संयुक्त राष्ट्र और उसके सदस्य देशों से अपील की है कि वे UNRWA और उसके संस्थानों के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाएं। उन्होंने मानवीय सहायता और शरणार्थियों के अधिकारों को राजनीतिक व सुरक्षा शर्तों का टूल बनाए जाने का भी कड़ा विरोध किया है।
UNRWA पर इजरायल के आरोप और गहराता संकट
इजरायल ने 7 अक्टूबर 2023 को हमास के अभूतपूर्व हमले में UNRWA के कुछ कर्मचारियों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए एजेंसी के काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। एजेंसी ने इन आरोपों के समर्थन में कई बार सबूत मांगे, लेकिन इजरायल ने अब तक कोई साक्ष्य पेश नहीं किया है।
इजरायल के लगातार अभियान के कारण यह संयुक्त राष्ट्र एजेंसी गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रही है। इजरायल पहले ही दर्जनों अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों को गाजा और अधिकृत क्षेत्रों में काम करने से रोक चुका है। इन तमाम घटनाक्रमों के बीच स्विट्जरलैंड ने इजरायल से अपील की है कि वह फिलिस्तीनी क्षेत्रों पर अपना अवैध कब्जा खत्म करे।

