अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़का कताइब हिजबुल्लाह, बगदाद उड़ानों पर असर

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सैयद सरवर हुसैन - कंट्री हेड ईरान
सैयद सरवर हुसैन – कंट्री हेड ईरान

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों को लेकर इराक के प्रमुख प्रतिरोध गुट कताईब हिजबुल्लाह (Kata’ib Hezbollah) ने तीखा हमला बोला है। गुट ने वाशिंगटन के इस कदम को एक “गंदा हथियार” करार देते हुए कहा कि सैन्य विकल्पों में नाकामी मिलने के बाद अमेरिका अब ईरानी जनता को झुकाने के लिए आर्थिक और खाद्य घेराबंदी का सहारा ले रहा है।

संगठन ने गुरुवार को जारी एक बयान में कहा, “सैन्य साधनों के जरिए ईरानी अवाम के हौसले को तोड़ने में विफल रहने के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका अब ‘भोजन की घेराबंदी’ के हथियार की ओर मुड़ गया है। यह नीति पूरे इतिहास में वाशिंगटन की अमानवीय नीतियों का ही विस्तार है।”

पड़ोसी देशों और कंपनियों को चेतावनी, जनता से मदद की अपील

कताईब हिजबुल्लाह ने उन कंपनियों और राजनीतिक पक्षों की भी कड़ी आलोचना की जो अपने पड़ोसी ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का साथ दे रहे हैं। संगठन ने कहा कि ऐसी संस्थाएं ऐतिहासिक संबंधों और अतीत में मिली सहायता को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही हैं।

संगठन ने आम इराकी जनता से अपील की कि वे ईरानी उत्पादों को खरीदकर और आपसी व्यापार को बढ़ावा देकर इस आर्थिक घेराबंदी को तोड़ने में मदद करें। इसके साथ ही, समूह ने वरिष्ठ शिया धार्मिक नेतृत्व से इस बात पर धार्मिक व्यवस्था (रूलिंग) स्पष्ट करने की मांग की कि “ईरानी लोगों की घेराबंदी करने और उन पर भुखमरी थोपने के दुश्मनों के प्रयासों में मदद करना कितना उचित है।”

अमेरिका ने अगस्त 2026 से तथाकथित ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत ईरान के तेल राजस्व, वित्तीय तंत्र, शिपिंग और विमानन क्षेत्र पर प्रतिबंधों का दायरा कड़ा किया है, जिससे विदेशी संस्थाओं के लिए सेकेंडरी प्रतिबंधों का खतरा बढ़ गया है।

विमानन क्षेत्र निशाने पर: बगदाद में ईरानी उड़ानों को लेकर असमंजस

अमेरिकी पाबंदियों का ताजा असर नागरिक उड्डयन पर देखने को मिला है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने चेतावनी दी थी कि ईरान की एयरलाइनों को प्रतिबंधों के जरिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।

बेसेंट ने कड़े शब्दों में कहा था, “जब कोई ईरानी विमान किसी हवाई अड्डे पर उतरेगा, तो आप उसे ईंधन नहीं दे सकते, न ही लैंडिंग सेवाएं दे सकते हैं और न टिकट बेच सकते हैं; अन्यथा आपको डॉलर वित्तीय प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा।”

इस चेतावनी के बाद सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक:

  • प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के नेतृत्व वाली इराकी सरकार ने बुधवार आधी रात से बगदाद हवाई अड्डे पर ईरानी उड़ानों के संचालन को निलंबित करने का आदेश दिया। चर्चा है कि इन उड़ानों को नजफ (Najaf) डायवर्ट करने पर विचार किया जा रहा है।

  • ईरान एयर (Iran Air) ने पुष्टि की है कि नजफ हवाई अड्डे के लिए उसकी उड़ानें जारी रहेंगी।

  • ईरानी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने एक सूत्र के हवाले से कहा कि इराकी परिवहन मंत्रालय या नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने आधिकारिक रूप से उड़ानों को रोकने का कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

  • इससे पहले तेहरान-बगदाद और तेहरान-मस्कट उड़ानों के प्रभावित होने की खबरें आई थीं, जबकि इस्तांबुल जैसी अन्य अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पूर्ववत संचालित हो रही हैं। ओमान में भी ईरानी यात्रियों के प्रवेश को लेकर दिक्कतें सामने आई हैं।

न्यूयॉर्क में मिले पेजेशकियन और अल-जैदी, रणनीतिक साझेदारी पर जोर

इन सब विवादों के बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज रही। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) और इराकी प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की मुलाकात हुई। इसके बाद गुरुवार को उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ इराकी पीएम द्विपक्षीय वार्ताओं के लिए तेहरान पहुंचे।

दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी संयुक्त परियोजनाओं में तेजी लाने और बाधाओं को दूर करने की प्रतिबद्धता दोहराई। बैठक में हालिया अमेरिकी-इजराइली सैन्य कार्रवाइयों के क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़े असर पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने माना कि बाहरी सैन्य बलों पर निर्भरता और विदेशी दखलंदाजी ने क्षेत्र में असुरक्षा को ही बढ़ावा दिया है, और इसका हल केवल स्थानीय सुरक्षा तंत्र व आपसी क्षेत्रीय सहयोग से ही संभव है।