Taiwan Poll: अमेरिका से हथियारों की सप्लाई पर 47% को भरोसा नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक से ठीक पहले ताइवान में एक चौंकाने वाला सर्वे सामने आया है। ताइवान के प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘यूनाइटेड डेली न्यूज’ (UDN) द्वारा जारी वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, ताइवान के लगभग आधे नागरिकों को इस बात पर भरोसा नहीं है कि अमेरिका आगे भी द्वीप को सैन्य सहायता और हथियारों की बिक्री जारी रखेगा।
सर्वेक्षण के मुताबिक, 47 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें अमेरिका द्वारा हथियार और सैन्य मदद जारी रखने पर भरोसा नहीं है, जबकि 44 फीसदी लोगों ने भरोसा जताया और 9 फीसदी ने कोई राय व्यक्त नहीं की।
युद्ध की स्थिति में अमेरिकी सेना की मदद पर राय बंटी
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि यदि चीन सैन्य हमला करता है, तो क्या अमेरिकी सेना ताइवान की रक्षा के लिए अपने सैनिक भेजेगी:
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47 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अमेरिका अपने सैनिक मदद के लिए भेजेगा।
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43 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वाशिंगटन सीधे तौर पर अपनी सेना नहीं भेजेगा।
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पिछले दो वर्षों के रुझानों को देखें तो इस मुद्दे पर जनता की राय लगातार बदलती रही है।
ताइवानी मीडिया के अनुसार, जब चीन से सैन्य कार्रवाई का लगातार खतरा बना हुआ है और ताइवान मुख्य रूप से अमेरिकी सुरक्षा वादों पर निर्भर है, ऐसे समय में आधे से भी कम लोगों का वाशिंगटन पर भरोसा जताना चिंताजनक संकेत है।
14 अरब डॉलर का हथियार सौदा अटका, डिलीवरी में देरी से नाराजगी
अविश्वास बढ़ने का मुख्य कारण अमेरिका द्वारा ताइवान को हथियारों की डिलीवरी में हो रही भारी देरी और 14 अरब डॉलर के प्रस्तावित हथियार पैकेज का अटकना माना जा रहा है।
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हथियार पैकेज टलने की आशंका: रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन आगामी नवंबर में शेनझेन में होने वाले APEC शिखर सम्मेलन और दिसंबर में फ्लोरिडा में संभावित G20 बैठक के मद्देनजर चीन को नाराज करने से बचने के लिए हथियारों के नए ऐलान को टाल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह पैकेज 2027 तक खिंच सकता है।
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F-16 लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में रुकावट: ताइवान द्वारा ऑर्डर किए गए 66 नए F-16 ब्लॉक 70 फाइटर जेट्स में से पहले दो विमान (नंबर 6727 और 6728) एक महीने से हवाई (Pearl Harbor-Hickam बेस) में ही खड़े हैं। उड़ान रद्द होने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है, जिससे ताइवान के राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं कि इसे ट्रंप-शी बैठक के चलते रोका गया है।
ताइवान की मुख्य विपक्षी पार्टी कुओमितांग (KMT) के सांसद लिन पेई-ह्सियांग ने कहा कि जब पैसे चुकाने के बावजूद खरीदे गए आधुनिक हथियार समय पर नहीं पहुंच रहे हैं, तो जनता का भरोसा टूटना स्वाभाविक है।
तनाव के बीच युद्ध की आशंका को लेकर क्या है सोच?
सर्वेक्षण में 56 फीसदी लोगों ने माना कि ताइवान जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव बना हुआ है। हालांकि, सीधे युद्ध की आशंका को लेकर लोगों का औसत स्कोर 10 में से 4.4 रहा, जो यह दर्शाता है कि तनाव के बावजूद लोग पूर्ण युद्ध की संभावना को फिलहाल कम आंक रहे हैं।
जब लोगों से बिना किसी विकल्प के पूछा गया कि दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ाने वाला सबसे बड़ा कारण क्या है, तो अधिकांश उत्तरदाताओं ने ‘ताइवान की स्वतंत्रता’ (Taiwan Independence) की मांग को सबसे बड़ा कारण बताया।
