हरजोत कौर बम्हरा बनीं BPSC की कार्यवाहक अध्यक्ष, जानिए उनका करियर

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आलोक सिंह
आलोक सिंह

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के अध्यक्ष परमार रवि मनुभाई के अवकाश पर जाने के बाद वरिष्ठ IAS अधिकारी हरजोत कौर बम्हरा को अध्यक्ष पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से अधिसूचना जारी होने के बाद उन्होंने यह नई जिम्मेदारी संभाल ली है।

हरजोत कौर बम्हरा की यह नियुक्ति ऐसे महत्वपूर्ण समय में हुई है जब लाखों अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्ति (TRE 4) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और TRE 2 व दरोगा बहाली में अनियमितता के मामले भी चर्चा के केंद्र में हैं।

कौन हैं हरजोत कौर बम्हरा?

हरजोत कौर बम्हरा 1992 बैच की बिहार कैडर की IAS अधिकारी हैं। मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली हरजोत कौर का जन्म 11 मई 1967 को हुआ था। वर्तमान में वह अगस्त 2025 तक के लिए बिहार राजस्व पर्षद (Revenue Board) की अध्यक्ष-सह-सदस्य के पद पर तैनात हैं।

अपने तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक करियर में उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं:

  • जिलाधिकारी: कटिहार और बेगूसराय जिले की कमान संभाली।

  • विभागीय प्रमुख: महिला एवं बाल विकास निगम की प्रबंध निदेशक रहीं।

  • अपर मुख्य सचिव: खान एवं भूतत्व विभाग तथा समाज कल्याण विभाग जैसे अहम मंत्रालयों में जिम्मेदारी संभाली।

  • केंद्रीय प्रतिनियुक्ति: उन्होंने कई वर्षों तक केंद्र सरकार में भी सेवाएं दी हैं।

मजबूत अकादमिक पृष्ठभूमि एक तेज-तर्रार प्रशासक होने के साथ-साथ उनका अकादमिक बैकग्राउंड भी काफी मजबूत है। उन्होंने राजनीति विज्ञान (Political Science) और औद्योगिक विकास (Industrial Development) में एमए (M.A.) किया है। इसके अलावा, इंटरनेशनल स्टडीज में एम.फिल (M.Phil) और इंटरनेशनल लॉ में पीजी डिप्लोमा भी हासिल किया है।

2022 में विवादों से आया था नाम

हरजोत कौर बम्हरा साल 2022 में अपने एक विवादित बयान को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई थीं। उस समय वह महिला विकास निगम की प्रबंध निदेशक थीं। छात्राओं के एक सशक्तिकरण कार्यक्रम के दौरान उनकी एक टिप्पणी पर खासा विवाद हुआ था, जिस पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। बाद में उन्होंने अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी।

पति भी हैं सीनियर IAS अधिकारी हरजोत कौर के पति दीपक कुमार सिंह भी बिहार कैडर के 1992 बैच के ही वरिष्ठ IAS अधिकारी हैं। दीपक कुमार सिंह फिलहाल बिहार के राज्यपाल के प्रधान सचिव के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

BPSC में नई चुनौतियां

हरजोत कौर बम्हरा के सामने BPSC अध्यक्ष के तौर पर कई तत्काल चुनौतियां मौजूद हैं। यद्यपि यह प्रभार अस्थायी है और परमार रवि मनुभाई के लौटने के बाद जिम्मेदारी वापस उन्हें मिल जाएगी, लेकिन इस दौरान आयोग के नियमित कामकाज को सुचारू रखना उनकी प्राथमिकता होगी। सबसे बड़ी चुनौती बहुप्रतीक्षित TRE-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की अधिसूचनाएं समय पर जारी करना है, जिसका राज्य के लाखों युवा इंतजार कर रहे हैं।