UP E-Challan: गलत चालान कट गया तो ऐसे करें शिकायत, जानें नया नियम

दिल्ली की तर्ज पर अब उत्तर प्रदेश (UP) में भी वाहन चालान की शिकायतों को लेकर सिस्टम में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत, यदि आपको लगता है कि ARTO या ट्रैफिक पुलिस द्वारा आपका गलत चालान काटा गया है, तो आप इसके खिलाफ सीधे कोर्ट (न्यायालय) का दरवाजा नहीं खटखटा सकेंगे। कोर्ट जाने से पहले वाहन चालकों को संबंधित अधिकारी के पास अपनी अपील दर्ज करानी होगी।
ई-चालान ऐप पर होगी शिकायत, ARTO सुनेंगे अपील
अगर किसी वाहन चालक को गलत चालान की शिकायत है, तो उसे ‘e-Challan’ ऐप पर सबूतों के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करनी होगी। नए नियम के अनुसार, प्रदेश के सभी ARTO (असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर) को अपीलीय अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। निष्पक्षता बनाए रखने के लिए एक जिले का अधिकारी दूसरे जिले की अपील सुनेगा।
30 दिन में फैसला नहीं, तो चालान स्वतः होगा निरस्त
इस नए सिस्टम में वाहन चालकों को बड़ी राहत भी दी गई है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित अपीलीय अधिकारी को 30 दिन के भीतर मामले की जांच कर फैसला सुनाना होगा।
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अगर अधिकारी 30 दिन के अंदर यह तय नहीं कर पाता है कि चालान सही है या गलत, तो चालान स्वतः (अपने आप) समाप्त मान लिया जाएगा।
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अगर जांच में चालान गलत पाया जाता है, तो अधिकारी उसे निरस्त कर देंगे।
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यदि चालान सही पाया जाता है, तो चालक को जुर्माना भरने का निर्देश दिया जाएगा।
कोर्ट जाने से पहले जमा करनी होगी 50 प्रतिशत राशि
अगर ARTO अधिकारी आपके चालान को सही मानते हैं, लेकिन आप उस फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तब आप कोर्ट का रुख कर सकते हैं। शिकायत ऑनलाइन ही कोर्ट को भेज दी जाएगी। हालांकि, कोर्ट में अपील करने से पहले चालक को ARTO में चालान राशि का 50 प्रतिशत (आधा जुर्माना) अग्रिम जमा कराना होगा, तभी कोर्ट में सुनवाई होगी।
कोर्ट के फैसले के बाद क्या होगा?
50 प्रतिशत जुर्माना जमा करने का मतलब यह नहीं है कि आपने अपनी गलती मान ली है।
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अगर कोर्ट में सुनवाई के दौरान आपका चालान गलत साबित होता है, तो आपके द्वारा जमा की गई 50 प्रतिशत राशि आपको वापस (रिफंड) कर दी जाएगी।
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यदि कोर्ट चालान को सही ठहराता है, तो आपको जुर्माने की बची हुई 50 प्रतिशत राशि भी जमा करनी होगी।
6 महीने तक जुर्माना न भरने पर RC होगी ब्लॉक
नए नियमों में सख्ती भी बरती गई है। यदि कोई वाहन चालक 6 महीने तक चालान का जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसके वाहन की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) को ‘Not to Transaction’ (लेन-देन वर्जित) कैटेगरी में डाल दिया जाएगा। इसके बाद वह व्यक्ति अपने वाहन से संबंधित किसी भी प्रपत्र (डॉक्यूमेंट) का कोई काम परिवहन विभाग में नहीं करा पाएगा।
