Bihar Flood: तेजस्वी यादव ने दीया अभियान के खर्च पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में बाढ़ और सूखे की गंभीर स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार पिछले एक महीने से बेहद बुरे दौर से गुजर रहा है और राज्य के करीब 45 लाख लोग बाढ़ व सूखे से प्रभावित हैं। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर हुए खर्च पर तंज कसते हुए पूछा कि दीये जलाने पर करोड़ों रुपये बर्बाद कर दिए गए, लेकिन बिहार के लोगों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने क्या किया?
‘खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक, फंड का हुआ दुरुपयोग’
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की राहत व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में राहत शिविरों की संख्या काफी कम है और फंड की कमी के कारण कम्युनिटी किचन बंद कर दिए गए हैं।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “प्रदेश के खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। लेकिन, राज्य सरकार ने इमरजेंसी फंड का पैसा जून महीने में ही निकालकर सामान्य योजनाओं में खर्च कर दिया।” तेजस्वी ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि गुजरात में यदि नाले में भी पानी आ जाए तो उसे आपदा घोषित कर दिया जाता है, लेकिन 45 लाख लोगों के प्रभावित होने के बावजूद बिहार को राष्ट्रीय आपदा घोषित क्यों नहीं किया गया?
PM CARES फंड पर सवाल और 15 हजार मुआवजे की मांग
तेजस्वी ने केंद्र सरकार से सीधे सवाल किया कि ‘पीएम केयर्स फंड’ (PM CARES Fund) से बिहार को अब तक कितना पैसा दिया गया है, सरकार इसका सार्वजनिक जवाब दे। उन्होंने भाजपा नेताओं पर चुनाव के समय ही सक्रिय होने का आरोप लगाया और कहा कि गोवा या अरुणाचल में कुछ होता है तो उन्हें चिंता होती है, लेकिन बिहार की फिक्र नहीं है।
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा:
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बिहार को तत्काल ‘राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र’ घोषित किया जाए।
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बाढ़ या सूखे से प्रभावित राज्य के हर किसान को 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।
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उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष (पूर्व में बिहार के मंत्री रहे) नितिन नवीन को चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को बिहार का दौरा करवाएं।
सम्राट चौधरी और NDA नेताओं के ‘वेतन दान’ पर तंज
तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का जिक्र करते हुए उन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “बिहार में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बना है। सम्राट चौधरी का न तो कोई विजन है और न ही वे राज्य के हित में कोई कदम उठा रहे हैं।”
एनडीए के विधायकों और सांसदों द्वारा बाढ़ राहत के लिए अपना एक महीने का वेतन दिए जाने के ऐलान को तेजस्वी ने महज दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि सभी के वेतन को मिला लिया जाए तो यह राशि 3-4 करोड़ रुपये ही होगी। तेजस्वी ने दावा किया कि वेतन देने की शुरुआत सबसे पहले उनकी पार्टी ने की थी, इसलिए सत्ता पक्ष को दिखावटी काम करके यह नहीं जताना चाहिए कि वे बिहार की जनता पर कोई उपकार कर रहे हैं।
