इजरायल की जेलों में 37 फिलिस्तीनी पत्रकार कैद, 19 बिना आरोप के हिरासत में

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

एक फिलिस्तीनी कैदी वकालत समूह ने इजरायल पर प्रेस की स्वतंत्रता को दबाने का गंभीर आरोप लगाया है। फिलिस्तीन प्रिजनर्स सोसाइटी (PPS) द्वारा रविवार को जारी एक बयान के अनुसार, इजरायल ने वर्तमान में 37 फिलिस्तीनी पत्रकारों को अपनी जेलों में कैद कर रखा है। इनमें से 19 पत्रकार ऐसे हैं जिन्हें किसी भी आरोप या मुकदमे का सामना किए बिना ‘प्रशासनिक हिरासत’ (Administrative Detention) में रखा गया है।

समूह का दावा है कि ये सभी 37 मीडिया पेशेवर अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष की शुरुआत के बाद से हिरासत में लिए गए हैं। PPS ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इजरायल लगातार अपहरण, जेल की सजा, एकांत कारावास और कानूनी कार्रवाइयों के जरिए फिलिस्तीनी प्रेस के सदस्यों को निशाना बना रहा है।

पत्रकारों पर कार्रवाई: हालिया अपहरण और सख्त सजा

समूह ने पत्रकारों के खिलाफ हो रही कार्रवाई के कुछ ताज़ा मामले भी सामने रखे हैं:

  • मुआथ अमरना और साबरी जिब्रिन: इन दोनों पत्रकारों को हाल ही में गुरुवार को दक्षिणी वेस्ट बैंक के बेथलहम स्थित उनके आवासों पर इजरायली बलों की छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया। PPS के अनुसार, अमरना को इजरायली अधिकारियों द्वारा बार-बार निशाना बनाया गया है और उनकी पत्रकारिता गतिविधियों के कारण उन्हें तीसरी बार हिरासत में लिया गया है।

  • लेखक महमूद फताफ्ता: पत्रकार और लेखक महमूद फताफ्ता को इजरायल द्वारा ‘उकसावे’ (Incitement) का आरोप लगाकर 48 महीने (4 साल) की जेल की सजा सुनाई गई है। समूह का कहना है कि समान मामलों में यह अब तक की सबसे कठोर सजाओं में से एक है।

प्रशासनिक हिरासत और ‘गुप्त फाइलों’ का इस्तेमाल

PPS के बयान में कहा गया है कि इजरायली अधिकारी पत्रकारों के खिलाफ “उकसाने” के आरोपों का तेजी से इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, “गुप्त फाइलों” के आधार पर प्रशासनिक हिरासत का चलन बढ़ा है। वर्तमान में, कब्जे वाले वेस्ट बैंक (पूर्वी यरूशलेम सहित) से 19 पत्रकार प्रशासनिक हिरासत में हैं, जो कुल हिरासत में लिए गए पत्रकारों का 51% है।

जेलों में बदसलूकी और एकांत कारावास के आरोप

कैदी समूह ने जेल के अंदर की अमानवीय स्थितियों की ओर भी ध्यान खींचा है।

  • 33 वर्षीय पत्रकार बुशरा अल-तवील को उत्तरी हिस्से की डेमोन जेल से मध्य क्षेत्र की रामला जेल में एकांत कारावास (Solitary Confinement) में स्थानांतरित कर दिया गया है।

  • PPS ने महिला कैदियों के खिलाफ अलगाव और अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक उपायों, भोजन से वंचित रखने, चिकित्सा देखभाल से इनकार करने और अपर्याप्त स्वच्छता जैसी स्थितियों के लिए इजरायली अधिकारियों की कड़ी आलोचना की है।

समूह का कहना है कि हिरासत में लिए गए पत्रकार भी अन्य फिलिस्तीनी कैदियों की तरह भूख, चिकित्सा उपेक्षा, यातना, दुर्व्यवहार और मौलिक अधिकारों के हनन का सामना कर रहे हैं। PPS ने आरोप लगाया है कि पत्रकारों को अपना कर्तव्य निभाते समय हत्या, जबरन गायब करने और सीधे हमलों जैसी धमकियों का सामना करना पड़ता है। इसे फिलिस्तीनी रिपोर्टिंग और इजरायली उल्लंघनों के दस्तावेजीकरण को सीमित करने की एक सुनियोजित रणनीति बताया गया है।