मोदी-शी ने क्यों की शांति वार्ता में मदद की पेशकश? पुतिन ने दिया धन्यवाद

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शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन के समापन के अवसर पर यूक्रेन युद्ध को लेकर अहम कूटनीतिक प्रगति सामने आई है। क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी ‘गुड ऑफिस’ (मध्यस्थता या राजनयिक सहायता) की पेशकश की है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और चीन के शीर्ष नेतृत्व की इस पहल का औपचारिक रूप से स्वागत किया है।

क्रेमलिन ने दी जानकारी, पुतिन ने दोनों नेताओं को बताया जमीनी हाल

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने यूक्रेन संकट के समाधान में गहरी रुचि दिखाई है। पेसकोव के अनुसार, दोनों नेताओं ने गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में सक्रिय सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसे रूसी पक्ष ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।

वार्ता के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग को यूक्रेन के मौजूदा जमीनी और सैन्य हालात की विस्तृत जानकारी भी दी। इससे पहले 11 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से ठीक पहले प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई थी, जिसमें आपसी सहयोग मजबूत करने पर सहमति बनी थी।

मोदी-पुतिन-जिनपिंग की तस्वीर से रणनीतिक संदेश

शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कई दौर की चर्चा हुई। सम्मेलन से तीनों नेताओं की एक तस्वीर भी जारी की गई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के राष्ट्रपतियों का हाथ थामे नजर आए। कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर यह तस्वीर एक बड़े भू-राजनीतिक संतुलन का संकेत देती है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिकी प्रशासन भी युद्ध रोकने की कोशिशों में जुटा है।

बैठक में राष्ट्रपति पुतिन ने इस बात पर बल दिया था कि ब्रिक्स समूह को पश्चिमी देशों के नियमों के प्रभाव से मुक्त होकर वैश्विक विकास और बहुध्रुवीय व्यवस्था के लिए एक स्वतंत्र मंच के रूप में कार्य करना चाहिए।

अक्टूबर में त्रिपक्षीय वार्ता की संभावना, जेलेंस्की का प्रस्ताव खारिज

यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के प्रयासों के बीच क्रेमलिन ने त्रिपक्षीय बातचीत के संकेत भी दिए हैं। रूसी समाचार एजेंसियों ‘रिया’ (RIA) और ‘तास’ (TASS) के मुताबिक, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि आने वाले समय में रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच अक्टूबर में तीन-तरफा बातचीत आयोजित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक हालिया साक्षात्कार में कहा था कि वह दिसंबर में मियामी में होने वाले जी20 (G20) शिखर सम्मेलन के दौरान पुतिन से सीधी बातचीत के लिए तैयार हैं। हालांकि, क्रेमलिन ने जेलेंस्की के इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए इसे फिलहाल असंभव बताया है।