लेबनान में इजरायली हमले में 11 की मौत, होर्मुज में ईरान का बड़ा प्लान

मिडिल ईस्ट में संघर्ष एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सीजफायर उल्लंघन के आरोपों के बीच इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें 11 लोगों की जान चली गई है। दूसरी तरफ, अमेरिका और ईरान के बीच समुद्र में चल रही तनातनी के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा संकट मंडराने लगा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक नया ‘एक्सक्लूजन जोन’ (Exclusion Zone) बनाने की तैयारी कर ली है।
सीजफायर के बीच लेबनान में इस्राइल का बड़ा हमला
लेबनान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, सोमवार तड़के दक्षिणी लेबनान के दीर जहरानी इलाके में इस्राइली युद्धक विमानों ने एक आवासीय इमारत को निशाना बनाया। इस हमले में दो मासूम बच्चों समेत कम से कम 11 लोगों की जान चली गई और पांच अन्य घायल हो गए। यह इलाका नबातीयेह जिले के अंतर्गत आता है।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि यह कार्रवाई हिजबुल्लाह के आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए की गई। हमले से ठीक पहले सेना ने इलाके को खाली करने का आदेश भी दिया था। इस्राइल के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि हिजबुल्लाह लगातार सीजफायर के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, रिहायशी इलाकों में हथियारों का जखीरा और कमांड सेंटर बनाकर आतंकी ढांचा दोबारा खड़ा करने की कोशिशें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएंगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका-ईरान की तनातनी
लेबनान के साथ-साथ फारस की खाड़ी में भी युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के नए प्रमुख मोहसिन रेजाई ने ऐलान किया है कि तेहरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया एक्सक्लूजन जोन घोषित करेगा।
रेजाई के मुताबिक, जो भी जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे ईरान अपनी प्रतिबंध सूची में डाल देगा। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के जवाब में अमेरिका ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने ईरान के उस दावे को ‘सरासर झूठ’ करार दिया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने एक मानव रहित अमेरिकी सैन्य जहाज को निशाना बनाया है।
समुद्री यातायात प्रभावित, कच्चे तेल के दाम में उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे इन हमलों का सीधा असर कमर्शियल समुद्री व्यापार पर पड़ रहा है। शिपिंग डेटा के अनुसार, पिछले 10 दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या औसतन 10 प्रतिदिन रह गई है, जो मई के बाद से सबसे कम है। रविवार को केवल 6 जहाजों ने ही इस रूट का इस्तेमाल किया।
सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव चढ़कर 96.80 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड (WTI) 92.14 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
दक्षिण कोरिया को ईरान की चेतावनी और कतर की नसीहत
इस बीच, ईरान के विदेश मंत्रालय ने दक्षिण कोरिया को सख्त चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि अगर दक्षिण कोरिया ने खाड़ी में अमेरिकी अभियानों में सैन्य भागीदारी की, तो उसे अमेरिका के “आक्रामक” कदमों का समर्थन माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
वहीं, अबू धाबी में आयोजित हिली फोरम (Hili Forum) में कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने खाड़ी देशों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहे मौजूदा तनाव ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका के साथ रणनीतिक गठबंधन महत्वपूर्ण तो है, लेकिन सिर्फ इस पर निर्भर रहना काफी नहीं है। अंसारी ने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खाड़ी देशों को आत्मनिर्भर होना ही पड़ेगा।
