पेजेशकियान का SCO प्लान, बैंक और एनर्जी कंसोर्टियम का प्रस्ताव

Masoud Pezeshkian
Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

बिश्केक: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें राष्ट्राध्यक्ष शिखर सम्मेलन में ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजशकियान ने अमेरिका और इज़राइल पर तीखा हमला बोला है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए पेजशकियान ने आरोप लगाया कि पूर्व में हुए समझौते (इस्लामाबाद एमओयू) पर हस्ताक्षर करने के दो हफ्ते के भीतर ही अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करना और अत्यधिक मांगें रखना शुरू कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम एशिया में व्यापक शांति की आवश्यकता पर जोर देते हुए संगठन के सदस्य देशों के सामने कई बड़े आर्थिक और सुरक्षा प्रस्ताव भी रखे।

‘इस्लामाबाद एमओयू का उल्लंघन कर रहा है अमेरिका’

पेजशकियान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के दो सप्ताह से भी कम समय तक ही अमेरिका ने अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन किया। उनके अनुसार, इसके बाद से अमेरिका लगातार अपनी शर्तों का उल्लंघन कर रहा है और यह सिलसिला आज भी जारी है।

ईरानी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका इस्लामाबाद ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं पर वापस लौटता है, तो ईरान भी तुरंत ऐसा करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का हमेशा सम्मान करता रहा है।

हमलों और संघर्ष विराम का जिक्र

अपने संबोधन में ईरानी राष्ट्रपति ने हालिया अमेरिकी-इज़राइली हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के बुनियादी सिद्धांतों और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया।

  • उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को इस्लामी क्रांति के नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और वरिष्ठ सैन्य कमांडरों की हत्या के साथ यह सैन्य आक्रामकता शुरू की गई थी।

  • उन्होंने दावा किया कि ईरान के प्रतिरोध, जवाबी अभियानों और होर्मुज जलडमरूमध्य पर मजबूत नियंत्रण के कारण 40 दिनों के बाद 8 अप्रैल को वाशिंगटन और तेल अवीव संघर्ष विराम स्वीकार करने के लिए बाध्य हुए।

पश्चिम एशिया में सुरक्षा चुनौतियां और एकतरफा प्रतिबंध

पेजशकियान ने रेखांकित किया कि विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए सुरक्षा और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए पहलू हैं। उन्होंने क्षेत्र के सामने मौजूद कई परस्पर जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र किया, जिनमें आतंकवाद, हिंसक उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध और साइबर अपराध शामिल हैं।

इसके अलावा उन्होंने भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता, एकतरफा प्रतिबंधों और आर्थिक व तकनीकी साधनों के दुरुपयोग को लेकर भी चिंता जताई।

SCO के समक्ष 3 बड़े आर्थिक और 1 सुरक्षा प्रस्ताव

ईरानी राष्ट्रपति ने संगठन को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए कई ठोस पहलों का प्रस्ताव रखा:

  1. वित्तीय और बैंकिंग सहयोग: उन्होंने वित्तीय व बैंकिंग सहयोग को गहरा करने के लिए एक समर्पित ‘SCO बैंक’ स्थापित करने का सुझाव दिया।

  2. बीमा संघ: निर्यात और निवेश को सुरक्षित करने के लिए एक एक्सपोर्ट एंड इन्वेस्टमेंट इंश्योरेंस यूनियन का गठन।

  3. एनर्जी कंसोर्टियम: सदस्य देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक संयुक्त ‘SCO एनर्जी कंसोर्टियम’ बनाना।

  4. सामरिक सुरक्षा अध्ययन केंद्र: सुरक्षा के मोर्चे पर पेजशकियान ने संगठन के भीतर एक रणनीतिक सुरक्षा अध्ययन केंद्र (Strategic Security Studies Center) स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। उनके अनुसार, यह केंद्र सदस्य देशों के विशेषज्ञों की क्षमता का उपयोग कर उभरते खतरों का आकलन करने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सिफारिशें देने का काम करेगा।