जयपुर में NEET-PG पर बवाल, बिजली गुल हुई तो 5 सितंबर को फिर परीक्षा

जयपुर: सीतापुरा स्थित आईओएन (iON) डिजिटल जोन में रविवार को NEET-PG परीक्षा के दौरान बिजली सप्लाई ठप होने से बड़ा विवाद खड़ा हो गया। परीक्षा बाधित होने से नाराज अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने सेंटर के बाहर जमकर हंगामा किया और प्रशासन से जवाब मांगा। छात्रों की ओर से आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद प्रभावित परीक्षा को दोबारा कराने का फैसला लिया गया है। फिलहाल केंद्र अधीक्षक पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर बोर्ड को भेज रहे हैं।
छात्रों की मांग- ‘पूरी परीक्षा रद्द हो, सेंटर की गलती हम क्यों भुगतें’
परीक्षा बाधित होने से नाराज अभ्यर्थियों ने केवल री-एग्जाम के फैसले पर असंतोष जताया है। छात्रों की मांग है कि पूरी परीक्षा को रद्द कर सिरे से आयोजित किया जाना चाहिए। अभ्यर्थियों का स्पष्ट तर्क है कि सेंटर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा वे क्यों भुगतें। उनका कहना है कि जब उनके लिए दोबारा परीक्षा होगी, तो नए पेपर का पैटर्न और कठिनाई का स्तर (Level) मुख्य परीक्षा से अलग होगा, जो सीधे तौर पर उनके साथ अन्याय है।
गौरतलब है कि देश भर में रविवार को आयोजित हुई इस NEET-PG परीक्षा के लिए कुल 2 लाख 72 हजार 183 अभ्यर्थी पंजीकृत थे।
15 सेंटर्स पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, इंटरनेट और फोटोकॉपी दुकानें थीं बंद
जयपुर जिले में इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए कुल 15 केंद्र बनाए गए थे। नकल रोकने और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सुबह 6 बजे से दोपहर 1 बजे तक सख्त पाबंदियां लागू की थीं। परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में ई-मित्र, फोटोकॉपी सेंटर और साइबर कैफे पूरी तरह बंद रहे।
केंद्रों पर मोबाइल, ब्लूटूथ और स्मार्टवॉच ले जाने पर सख्त मनाही थी। इसके अलावा आसपास के कोचिंग संस्थानों के संचालन और लाउडस्पीकर-डीजे पर भी रोक लगाई गई थी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रशासन की विशेष टीमें निगरानी रख रही थीं।
AIAPGET परीक्षा में भी हो चुकी है ऐसी लापरवाही
राजधानी जयपुर में परीक्षा के दौरान सिस्टम फेल होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 22 अगस्त 2026 को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित AIAPGET परीक्षा के दौरान भी ऐसी ही स्थिति पैदा हुई थी।
उस समय जयपुर के श्री सत्य साई पीजी कॉलेज सेंटर पर बिजली गुल हो गई थी। इस केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे 192 में से 49 उम्मीदवार बिजली न होने के कारण अपना पेपर पूरा नहीं कर सके थे। बाद में NTA को उन 49 अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम आयोजित करने का निर्णय लेना पड़ा था।
