बरेली में BJP मेयर के रक्षाबंधन कार्यक्रम में हंगामा, कई महिलाएं बेहोश

बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में बीजेपी मेयर डॉ. उमेश गौतम द्वारा आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था के चलते भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। भीषण गर्मी और भीड़ के दबाव में कई महिलाएं दबकर बेहोश हो गईं, जबकि एक महिला की मौत की भी खबर सामने आ रही है।
घटना के मुख्य बिंदु और अव्यवस्था का आलम
बरेली क्लब ग्राउंड में गुरुवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 20 हजार से अधिक महिलाओं के पहुंचने का दावा किया गया था। महिलाओं को राखी बांधने के लिए पहले से कूपन बांटे गए थे, जिससे भारी भीड़ जमा हो गई।
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उपहार की होड़ में भगदड़: उपहार लेने की होड़ और पैर रखने की जगह न होने के कारण महिलाएं बैरिकेडिंग पार कर मंच की ओर बढ़ने लगीं। इस धक्का-मुक्की में कई महिलाएं गिर गईं।
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बच्चे बिछड़े, बिखरा सामान: भीड़ के बीच कई बच्चे अपने परिजनों से बिछड़ गए। मंच से लगातार लाउडस्पीकर के जरिए बच्चों की जानकारी दी जाती रही। पूरे मैदान में टूटी चूड़ियां, चप्पलें और अन्य सामान बिखरा पड़ा था।
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मेयर का प्रयास नाकाफी: हालात बिगड़ते देख मेयर ने अपने बेटे पार्थ गौतम को मुख्य गेट की तरफ भेजा ताकि वहां भी राखी बंधवाई जा सके, लेकिन भीड़ का दबाव कम नहीं हुआ।
बिना परमिशन हो रहा था कार्यक्रम
एसपी सिटी मानुष पारिख ने चौंकाने वाली जानकारी देते हुए बताया कि इतने बड़े आयोजन के लिए न तो कोई परमिशन ली गई थी और न ही पुलिस को कोई पूर्व सूचना दी गई थी। अव्यवस्था की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।
चश्मदीदों का दर्द और अनत्तरित सवाल
कार्यक्रम में आई महिलाओं ने सुरक्षा, पानी और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम न होने पर कड़ी नाराजगी जताई। 70 साल की एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह भीड़ में करीब 5 मिनट तक दबी रहीं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। एक अन्य महिला की चप्पल और बिछिया तक भीड़ में छिन गई। इस गंभीर लापरवाही के बाद से मेयर डॉ. उमेश गौतम मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। घायल महिलाओं को इलाज के लिए कहां ले जाया गया है, इसकी जानकारी भी प्रशासन या आयोजकों की तरफ से साझा नहीं की गई है।
