अखिलेश यादव के तंज के बीच PM मोदी से मिले जयंत चौधरी, खिलाया खास घेवर

PM MODI
शकील अहमद सैफी
शकील अहमद सैफी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच आरएलडी प्रमुख और केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट में जयंत चौधरी ने पीएम मोदी को अमीनगर सराय की मशहूर ‘घेवर’ मिठाई भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने जयंत चौधरी को लेकर ‘चवन्नी से रुपया’ बनाने वाला सियासी तंज कसा है, जिसके बाद दोनों दलों के बीच तल्खी बढ़ गई है।

कृषि और कौशल विकास पर चर्चा, पीएम को भेंट किया घेवर

जयंत चौधरी ने प्रधानमंत्री के साथ अपनी इस मुलाकात के दौरान उन्हें अमीनगर सराय का खास घेवर खिलाया और इस पारंपरिक मिठाई की खासियत भी बताई। राजनीतिक और विकासात्मक मुद्दों पर बात करते हुए दोनों नेताओं के बीच कौशल विकास (Skill Development) और कृषि से जुड़ी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। यूपी के सियासी माहौल को देखते हुए बुधवार को हुई इस मुलाकात के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

अखिलेश यादव का तंज- ‘चवन्नी का रुपया बना दिया था’

इस मुलाकात के पीछे की सियासी तल्खी सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक हालिया बयान से जुड़ी है। एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अखिलेश ने अपने पूर्व सहयोगी दल आरएलडी पर सीधा निशाना साधा था।

अखिलेश ने कहा कि जाने कहां-कहां से लोग गठबंधन बनाने आ गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “हमने चवन्नी का रुपया बना दिया था, तब भी वे हमें छोड़ कर चले गए।” सपा प्रमुख ने कहा कि कई लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया है, लेकिन उनकी पार्टी ने अब सीधे जनता के साथ गठबंधन करने, सामाजिक न्याय स्थापित करने और लोगों पर भरोसा कर उन्हें सम्मान देने का संकल्प लिया है। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन में रहने के बाद जयंत चौधरी बाद में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) में शामिल हो गए थे और वर्तमान में केंद्र सरकार में मंत्री हैं।

जयंत का पलटवार- ‘अहंकार सिर्फ पतन लाता है’

अखिलेश यादव के इस बयान पर जयंत चौधरी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने सपा प्रमुख का नाम लिए बिना पलटवार किया।

जयंत ने लिखा कि सियासत की लड़ाई में अगर कुछ सस्ते शब्द बोलने ही थे तो मेरा नाम लेकर बोल देते, कोई बात नहीं थी। उन्होंने जाट समाज को निशाना बनाए जाने और ‘एबीसीडी हमने सिखाई’ जैसी बातों पर ऐतराज जताया। आरएलडी चीफ ने अपने पोस्ट में लिखा, “मैं इस अहंकार को बहुत करीब से देख चुका हूं, और मानता हूं कि ऐसा आचरण सिर्फ पतन लाता है।”