गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम, जानें 393 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में क्या है खास

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में जल्द ही एक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस ड्रीम प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य जमीन पर तेज गति से चल रहा है। 393 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बन रहे इस स्टेडियम के चालू होने से पूर्वांचल समेत पूरे यूपी को खेल के क्षेत्र में एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। खेल निदेशालय के अनुसार, प्रोजेक्ट का शुरुआती काम दिखने लगा है और सरकार ने इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
46 एकड़ में फैलाव और 30 हजार दर्शकों की क्षमता
गोरखपुर का यह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम करीब 46 एकड़ के विशाल क्षेत्र में बनाया जा रहा है। इस स्टेडियम में एक साथ 30 हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। इसका डिजाइन ‘ग्राउंड प्लस टू फ्लोर’ मॉडल पर आधारित है। स्टेडियम के तैयार होने से गोरखपुर और आसपास के जिलों के खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं खुलेंगी और उन्हें अपने ही क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर का मंच मिल सकेगा।
दिसंबर 2027 तक प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य
इस महत्वाकांक्षी खेल परिसर का भूमिपूजन और शिलान्यास 16 मई 2026 को किया गया था। तब से निर्माण कार्य लगातार जारी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक प्रोजेक्ट का लगभग 6.73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जमीनी स्तर पर मिट्टी भरने का काम खत्म कर लिया गया है और फिलहाल पाइलिंग (Piling) का काम चल रहा है। सरकार और कार्यदायी संस्था ने इस स्टेडियम का निर्माण 23 दिसंबर 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
क्रिकेट के अलावा हॉकी और इंडोर गेम्स की भी सुविधा
यह स्टेडियम केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक मल्टी-स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जा रहा है। परिसर में खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यहां सभी तरह के इंडोर गेम्स के लिए विशेष व्यवस्था होगी। साथ ही, हॉकी जैसे बड़े आउटडोर खेलों के लिए भी अलग से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।
पेट्रोलियम मंत्रालय से 100 करोड़ की मदद, सरकार ने जारी की पहली किस्त
393 करोड़ रुपये के बजट वाले इस स्टेडियम के निर्माण के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से 100 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराएगा। वहीं, शेष राशि उत्तर प्रदेश सरकार वहन कर रही है। निर्माण कार्य में फंड की कमी के चलते कोई रुकावट न आए, इसके लिए यूपी सरकार ने हाल ही में पहली किस्त के रूप में 63 करोड़ 39 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है।
