मध्य प्रदेश में फिर मेहरबान हुआ मानसून: भिंड, दतिया और सागर में ऑरेंज अलर्ट

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

भोपाल: मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की सुस्ती के बाद मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम प्रणाली के सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। विभाग ने कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग समेत प्रदेश के एक बड़े हिस्से में तेज बारिश का सिस्टम बना हुआ है। इस बारिश से किसानों की फसलों और राज्य के जलस्रोतों को फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

भिंड, दतिया और सागर में ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने बारिश के रौद्र रूप को देखते हुए प्रदेश के भिंड, दतिया और सागर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन तीनों जिलों में कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, उज्जैन, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, दमोह, मैहर और सिवनी जिलों में कई स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

राजधानी भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और निवाड़ी जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का पूर्वानुमान है।

अब तक 25.5 इंच बारिश, लेकिन सामान्य से 11% कम बारिश का यह नया दौर मध्य प्रदेश के लिए इसलिए भी जरूरी है क्योंकि राज्य में अब भी कोटे की बारिश पूरी नहीं हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 26 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 25.5 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह आंकड़ा सामान्य बारिश से करीब 11 प्रतिशत कम है। मानसून के दोबारा सक्रिय होने से इस कमी के काफी हद तक पूरा होने का अनुमान है।

40 जिलों में बारिश की कमी, सिर्फ 15 में सामान्य से ज्यादा पानी राज्य के 40 जिलों में सामान्य से 3 प्रतिशत से लेकर 50 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी मध्य प्रदेश के क्षेत्रों में देखने को मिला है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसतन 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है। क्षेत्रवार बात करें तो पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 14 प्रतिशत और पूर्वी हिस्से में 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है। बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडौरी जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से नीचे बना हुआ है।

दूसरी तरफ, प्रदेश के केवल 15 जिले ऐसे हैं जहां मानसून सामान्य से ज्यादा बरसा है। इन जिलों में अनूपपुर, डिंडौरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन और राजगढ़ शामिल हैं।