BPSC विवाद: छात्रों ने बनाई ‘कुत्ता जनता पार्टी’, पटना की सड़कों पर विरोध

पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के एक अधिकारी की ओर से की गई विवादित टिप्पणी के बाद छात्रों का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। परीक्षा नियंत्रक द्वारा अभ्यर्थियों की कथित तौर पर ‘कुत्ते’ से तुलना किए जाने के विरोध में पटना में प्रतियोगी छात्रों ने ‘कुत्ता जनता पार्टी’ के नाम से एक नया मोर्चा खोल दिया है। सरकार ने भले ही आरोपी परीक्षा नियंत्रक को निलंबित कर दिया है, लेकिन प्रदर्शनकारी इसे नाकाफी बता रहे हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि केवल निलंबन जैसी कार्रवाई से छात्रों के स्वाभिमान को पहुंची ठेस खत्म नहीं हो जाती।
सड़कों पर उतरी ‘कुत्ता जनता पार्टी’
राजधानी पटना की सड़कों पर इस विरोध का नेतृत्व लवली कुमारी नाम की छात्रा कर रही हैं। वे अपने हाथों में ‘कुत्ता जनता पार्टी’ का बैनर लेकर नारेबाजी करती नजर आईं। बैनर पर स्पष्ट तौर पर लिखा गया है- “छात्र अपमान नहीं सम्मान चाहता है। BPSC ने छात्रों की तुलना कुत्ते से की, यह अपमान हम कभी नहीं सहेंगे। छात्रों का अपमान बंद करो।” इस बैनर पर एक कुत्ते की तस्वीर भी लगाई गई है। युवाओं को इस मोर्चे से जोड़ने के लिए बैनर में एक स्कैनर भी दिया गया है, जिसे स्कैन कर अन्य अभ्यर्थी इस अभियान का हिस्सा बन सकते हैं।
‘हम कुत्ते नहीं, देश का भविष्य हैं’
पार्टी लॉन्च करने वाली लवली कुमारी ने आयोग के अधिकारियों के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हम कुत्ते नहीं, देश के भविष्य हैं। BPSC के एग्जाम कंट्रोलर के द्वारा हमारी तुलना कुत्तों से की गई।” लवली के मुताबिक, इसी अपमान के जवाब में उन्होंने इस मोर्चे का गठन किया है। उन्होंने बताया कि यह पार्टी अब राज्य के युवाओं के हित में काम करेगी। उनका दावा है कि वे और उनके समर्थक बिहार की गली-गली घूमकर सरकार की नीतियों और अधिकारियों के रवैये का विरोध करेंगे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की टिप्पणी से भड़का था विवाद
यह पूरा विवाद BPSC की एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शुरू हुआ। इसी दौरान तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। अभ्यर्थियों का कहना है कि युवा रोजगार और पद की गरिमा की उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी सम्मान देने के बजाय उन्हें सार्वजनिक मंच से अपमानित कर रहे हैं।
