चीन पर 7.5% अतिरिक्त टैरिफ लगा सकता है अमेरिका, ट्रंप की नई तैयारी
TURNBERRY, SCOTLAND - JULY 28: U.S. President Donald Trump talks to the media as he meets with British Prime Minister Keir Starmer (not pictured) at Trump Turnberry golf club on July 28, 2025 in Turnberry, Scotland. U.S. President Donald Trump is visiting his Trump Turnberry golf course, as well as Trump International Golf Links in Aberdeenshire, during a brief visit to Scotland from July 25 to 29. (Photo by Christopher Furlong/Getty Images)

अमेरिकी प्रशासन चीन के खिलाफ एक और टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका चीन से आने वाले सामान पर 7.5 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है। यह टैरिफ चीन के सामान पर पहले से लागू शुल्क के ऊपर लगाया जाएगा।
अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। प्रशासन अंतिम समय में टैरिफ की दर में बदलाव भी कर सकता है। प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तनाव बना हुआ है और दोनों देशों के बीच एक साल का व्यापार समझौता भी चल रहा है।
चीन की औद्योगिक क्षमता पर अमेरिका को आपत्ति
अमेरिकी पक्ष का आरोप है कि चीन अपनी जरूरत से ज्यादा सामान का उत्पादन कर रहा है और घरेलू मांग कमजोर होने के कारण कंपनियां इन उत्पादों को कम कीमत पर दूसरे देशों में बेच रही हैं।
इलेक्ट्रिक कार, सोलर पैनल, स्टील, सीमेंट और दूसरे कई उत्पादों का चीन में बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। अमेरिका का कहना है कि कम कीमत वाले चीनी उत्पाद अमेरिकी कंपनियों और कारोबार पर दबाव बढ़ा सकते हैं।
इसी मुद्दे की जांच के लिए ट्रंप प्रशासन ने मार्च में चीन के खिलाफ औपचारिक जांच शुरू की थी।
7.5% टैरिफ का क्या असर होगा?
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि 7.5 प्रतिशत का शुल्क चीन पर दबाव बनाने के लिए पर्याप्त हो सकता है, लेकिन इससे दोनों देशों के बीच चल रहे एक साल के व्यापार समझौते पर तत्काल असर नहीं पड़ेगा।
सितंबर के अंत में ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात की भी चर्चा है। ऐसे में नए टैरिफ का प्रस्ताव दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों के लिहाज से अहम है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नया कानूनी रास्ता
ट्रंप प्रशासन की यह तैयारी अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद सामने आई है। कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में ट्रंप की व्यापक टैरिफ योजना को रद्द कर दिया था।
इसके बाद प्रशासन ने आयात शुल्क लगाने के लिए दूसरे कानूनी विकल्पों पर काम शुरू किया। चीन की औद्योगिक क्षमता को लेकर जांच 1974 के Trade Act की Section 301 के तहत की गई है।
इस प्रावधान के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति उन देशों की व्यापार नीतियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं, जिन्हें अमेरिका अपने व्यापारिक हितों के लिए नुकसानदायक मानता है।
भारत समेत कई देशों की व्यापार नीतियों की जांच
अमेरिका की व्यापार जांच केवल चीन तक सीमित नहीं है। भारत समेत कई अन्य देशों की व्यापार नीतियों की भी जांच की जा रही है।
इनमें यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड, बांग्लादेश, मैक्सिको, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं।
हालांकि, इन देशों के खिलाफ चल रही जांच का मतलब यह नहीं है कि सभी पर नया शुल्क लगाया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन की ओर से अलग-अलग मामलों में जांच के निष्कर्ष और संभावित कार्रवाई का फैसला किया जाना बाकी है।
