दक्षिण कोरिया का कंटेनर जहाज आर्कटिक रूट से यूरोप रवाना- क्यों है खास?

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साक्षी चतुर्वेदी
साक्षी चतुर्वेदी

दक्षिण कोरिया ने वैश्विक शिपिंग में बदलते हालात के बीच आर्कटिक समुद्री मार्ग से यूरोप के लिए अपना पहला ट्रायल कंटेनर जहाज रवाना किया है। ‘PanStar Acro’ नाम का यह जहाज शनिवार रात बुसान न्यू पोर्ट से निकला। इसका मकसद यह जांचना है कि समुद्री बर्फ पिघलने से खुल रहे आर्कटिक रूट का इस्तेमाल भविष्य में व्यावसायिक शिपिंग के लिए किया जा सकता है या नहीं।

दक्षिण कोरिया के Oceans Ministry के अनुसार, जहाज रात 9:30 बजे रवाना हुआ। करीब 45 दिनों की यात्रा में यह ब्रिटेन के Felixstowe, नीदरलैंड्स के Rotterdam और पोलैंड के Gdansk बंदरगाहों तक जाएगा और फिर वापस लौटेगा।

Suez Canal के मुकाबले करीब 7,000 किलोमीटर कम दूरी

एशिया और यूरोप के बीच पारंपरिक समुद्री मार्ग Suez Canal से होकर गुजरता है। इसके मुकाबले Arctic route से यात्रा की दूरी करीब 7,000 किलोमीटर तक कम हो सकती है और लगभग 10 दिन का समय भी बच सकता है।

Korea Institute for International Economic Policy के अनुसार, यही समय और दूरी की बचत इस मार्ग को भविष्य के लिए आकर्षक विकल्प बना सकती है।

दक्षिण कोरिया के Vice Oceans Minister Nam Jae-hon ने Arctic route को Middle East के shipping lanes का संभावित विकल्प बताया है। उनके मुताबिक geopolitical risks और तकनीकी विकास के कारण यह route लगातार प्रतिस्पर्धी हो रहा है।

चीन भी शुरू कर चुका है Arctic route की यात्रा

दक्षिण कोरिया का यह परीक्षण ऐसे समय में हो रहा है जब चीन का एक container ship भी इसी रास्ते से यूरोप की ओर रवाना हुआ है। ‘Dubai Tower’ नाम का जहाज इस महीने Ningbo से निकला और Bering Strait से होते हुए रूस के Arctic coast की ओर बढ़ा।

Arctic University of Norway के political science professor Marc Lanteigne के मुताबिक, चीन और दक्षिण कोरिया के इन voyages से Northern Sea Route यानी NSR के एक secondary maritime transit corridor के रूप में इस्तेमाल की दिशा में बढ़ने का संकेत मिलता है।

उनका कहना है कि सफल voyage दक्षिण कोरिया की alternative shipping sea lanes विकसित करने में रुचि को दिखाएगा। चीन की कंपनियां अगर इस route पर नियमित services बढ़ाती हैं तो दक्षिण कोरिया के लिए भी प्रतिस्पर्धा में बने रहना महत्वपूर्ण होगा।

रूस के कारण sanctions का सवाल

Arctic route का इस्तेमाल रूस से जुड़े एक अलग सवाल को भी सामने लाता है। Northern Sea Route का बड़ा हिस्सा रूस के Arctic coast के साथ गुजरता है। इस दौरान जहाजों को Russian navigation और weather services की जरूरत पड़ सकती है, जिसके लिए भुगतान भी करना पड़ सकता है।

इसी वजह से कुछ experts ने चिंता जताई है कि इस route का इस्तेमाल करने वाले South Korean ships Western sanctions से जुड़े सवालों का सामना कर सकते हैं। South Korea का Foreign Ministry इस मुद्दे पर AFP के सवालों का जवाब देने से बचा।

Oceans Ministry ने कहा कि voyage को लेकर जरूरी administrative procedures के लिए संबंधित देशों और agencies के साथ consultations पूरी कर ली गई हैं।

University of Oslo के Korean Studies professor Vladimir Tikhonov ने कहा कि US और EU sanctions को strictly speaking international law नहीं माना जाता, जबकि UN sanctions की स्थिति अलग है। उनके मुताबिक Middle East में लगातार बनी अनिश्चितता के बीच अगर Arctic route आर्थिक रूप से viable साबित होता है तो South Korea के पास इसके इस्तेमाल पर विचार करने के विकल्प सीमित नहीं रहेंगे।

Arctic की पिघलती बर्फ ने खोला नया रास्ता

Northern Sea Route की संभावनाएं सीधे Arctic में हो रहे climate change से जुड़ी हैं। इस route पर साल के उसी समय navigation संभव मानी जाती है जब समुद्री बर्फ इतनी कम हो जाए कि जहाज बिना icebreakers के गुजर सकें।

दक्षिण कोरियाई environmental group Paran Ocean Citizen Science Center ने पिछले साल कहा था कि Arctic के वैश्विक औसत से करीब चार गुना तेजी से गर्म होने के कारण sea ice में तेज गिरावट आई है। समूह का तर्क है कि route को commercially viable बनाने के लिए और warming की जरूरत पड़ सकती है, जिससे shipping expansion और climate change से निपटने की कोशिशों के बीच विरोधाभास पैदा होता है।

बड़े shipping companies Arctic route से दूर

Arctic route के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता के बीच कई बड़ी shipping companies ने इस क्षेत्र से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है। CMA CGM, MSC और Hapag-Lloyd उन कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने Arctic shipping routes से बचने की प्रतिबद्धता जताई है।

“इस voyage के नतीजे यह संकेत देंगे कि South Korea Arctic shipping को भविष्य के commercial network का हिस्सा मानता है या इसे सीमित seasonal alternative के रूप में देखता है।”