ईरान से टकराव का कतर पर बड़ा असर? बजट में 30% तक कटौती!

कतर सरकार इस साल अपने बजट में 30% तक कटौती कर सकती है। Financial Times (FT) की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमलों और फारस की खाड़ी में ऊर्जा परिवहन पर लगी पाबंदियों से कतर के LNG उत्पादन और निर्यात पर असर पड़ा है, जिससे सरकार की आय में बड़ी गिरावट आई है।
सरकारी विभागों के खर्च में प्रस्तावित कटौती सीधे तौर पर liquefied natural gas (LNG) से होने वाली आय में आई कमी से जुड़ी है। कतर 2026 में विदेशी सहायता पर होने वाले खर्च में भी करीब 85% की कटौती कर रहा है।
LNG संकट से कतर की कमाई पर असर
कतर की LNG अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र Ras Laffan है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी LNG उत्पादन सुविधाओं में से एक बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष के दौरान यह सुविधा ईरानी हमलों की चपेट में आई।
उस समय अधिकारियों ने कहा था कि हमले से सुविधा की करीब 17% उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। मरम्मत में पांच साल तक का समय लग सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में Ras Laffan को निशाना बनाया था। ईरानी अधिकारियों ने पहले चेतावनी दी थी कि फारस की खाड़ी में जिन ऊर्जा प्रतिष्ठानों में अमेरिकी कंपनियों की हिस्सेदारी है, उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।
होर्मुज से ऊर्जा निर्यात पर भी दबाव
कतर की आर्थिक स्थिति पर दूसरा बड़ा दबाव ऊर्जा परिवहन से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने फारस की खाड़ी में Strait of Hormuz के जरिए ऊर्जा परिवहन पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं।
इससे कतर समेत क्षेत्र के दूसरे देशों के लिए तेल और LNG का निर्यात मुश्किल हुआ है। कतर के लिए यह स्थिति इसलिए अहम है क्योंकि LNG उसके सरकारी राजस्व का प्रमुख आधार है।
2026 का बजट 61 अरब डॉलर
रिपोर्ट के मुताबिक, कतर का 2026 का बजट करीब 61 अरब डॉलर का है। हालांकि, सरकारी विभागों के खर्च में प्रस्तावित कटौती के बाद कुल बजट कितना रह जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
सरकार के स्तर पर खर्च घटाने की यह कवायद ऐसे समय में हो रही है जब LNG उत्पादन और निर्यात से मिलने वाली आय पर दबाव बना हुआ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कटौती का असर सरकारी विभागों के साथ-साथ देश के विदेश सहायता कार्यक्रमों पर भी पड़ सकता है।
विदेशी सहायता खर्च में करीब 85% कटौती
रिपोर्ट में कतर के विदेशी सहायता बजट में करीब 85% की कटौती का भी जिक्र है। इससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता कार्यक्रमों में कतर के योगदान पर असर पड़ सकता है।
कतर ने 2025 में संयुक्त राष्ट्र के Office for the Coordination of Humanitarian Affairs (OCHA) समेत अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को करीब 1.5 अरब डॉलर की सहायता दी थी।
