फिलिस्तीनी गुटों ने चुनावी गठबंधन को दिया समर्थन, क्या हैं इसके मायने!

फिलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों ने आगामी विधायी चुनावों में हिस्सा लेने के लिए व्यापक राष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिशों का समर्थन किया है। जारी बयान में गुटों ने कहा कि ऐसा गठबंधन फिलिस्तीनी राजनीतिक ताकतों के बीच साझेदारी मजबूत करने, राष्ट्रीय एकता बनाए रखने और चुनावी प्रक्रिया के लिए बेहतर माहौल तैयार करने में मदद कर सकता है।
गुटों ने कहा कि गठबंधन में अलग-अलग राजनीतिक दलों और घटकों को राष्ट्रीय जिम्मेदारी और आपसी सम्मान के आधार पर एक साथ लाने की जरूरत है। उनका कहना है कि चुनावी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जो फिलिस्तीनी लोगों की पसंद को सामने रखे और उनके राष्ट्रीय अधिकारों व मूलभूत मुद्दों को सुरक्षित रखे।
व्यापक राष्ट्रीय सहमति पर जोर
उन्होंने गठबंधन के गठन और विधायी चुनावों में उसकी भागीदारी को अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा की। साथ ही गठबंधन की दिशा और फैसलों के साथ खड़े रहने की बात कही।
गुटों के मुताबिक, मौजूदा संवेदनशील दौर में फिलिस्तीनी राजनीतिक ताकतों और उनके प्रयासों को एकजुट करना जरूरी है। उनका कहना है कि अगला चरण राष्ट्रीय सहमति, जनता की पसंद के सम्मान और संस्थाओं तथा कानून पर आधारित होना चाहिए।
जनता से चुनाव में सक्रिय भागीदारी की अपील
बयान में फिलिस्तीनियों से चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय और जिम्मेदार तरीके से हिस्सा लेने की अपील की गई। गुटों ने कहा कि लोगों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने के अधिकार का इस्तेमाल करना चाहिए।
उनका कहना है कि चुनावी भागीदारी राष्ट्रीय साझेदारी और राजनीतिक एकीकरण के एक नए दौर का रास्ता खोल सकती है। बयान में चुनाव को फिलिस्तीनी राजनीतिक और संस्थागत जीवन को साझेदारी और सहमति के आधार पर नए सिरे से व्यवस्थित करने के अवसर के रूप में भी पेश किया गया।
अल-कुद्स को राष्ट्रीय मुद्दों में केंद्रीय स्थान
गुटों ने बयान में पवित्र शहर अल-कुद्स यानी यरुशलम की मुक्ति को फिलिस्तीनी राष्ट्रीय और राजनीतिक मुद्दों में केंद्रीय स्थान देने की बात भी दोहराई।
बयान में कहा गया कि अल-कुद्स राष्ट्रीय मुद्दों में सबसे प्रमुख स्थान पर बना रहेगा। गुटों ने इजरायली कब्जे पर शहर में नई स्थिति थोपने, उसके स्वरूप में बदलाव करने और उसकी फिलिस्तीनी तथा इस्लामी पहचान को मिटाने की कोशिशों का आरोप लगाया।
बयान में कहा गया कि ऐसी कोशिशें फिलिस्तीनी लोगों की सामूहिक चेतना और उनके राष्ट्रीय प्रोजेक्ट में अल-कुद्स की स्थिति को नहीं बदल सकतीं।
28 नवंबर को प्रस्तावित हैं विधायी चुनाव
28 नवंबर को फिलिस्तीनियों के विधायी चुनाव में हिस्सा लेने की उम्मीद है। ये चुनाव कब्जे वाले अल-कुद्स, वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में होने हैं।
ये 2006 के बाद पहले विधायी चुनाव होंगे। आगामी चुनाव को लेकर फिलिस्तीनी गुटों की ओर से व्यापक राष्ट्रीय गठबंधन के समर्थन की घोषणा ऐसे राजनीतिक ढांचे की ओर इशारा करती है जिसमें विभिन्न ताकतों की भागीदारी और राष्ट्रीय सहमति को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
अब गठबंधन के गठन और चुनावी प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक घटकों की भागीदारी को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
