हाईकोर्ट सुनवाई से एक दिन पहले बड़ा फैसला, प्रभात दुबे की पदोन्नति निरस्त

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महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय में पदोन्नति और वरिष्ठता निर्धारण को लेकर चल रहे विवाद में हाईकोर्ट की सुनवाई से ठीक एक दिन पहले बड़ा प्रशासनिक फैसला हुआ है। सचिवालय ने समीक्षा अधिकारी से अनुभाग अधिकारी बनाए गए प्रभात दुबे की पदोन्नति निरस्त कर दी है। साथ ही कर्मचारियों की वरिष्ठता नए सिरे से तय करने के लिए अलग समिति गठित की गई है।

यह फैसला ऐसे समय हुआ है जब पदोन्नति और वरिष्ठता निर्धारण को चुनौती देने वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 20 अगस्त 2026 को पहली सुनवाई होनी थी।

आपत्तियों के निस्तारण से पहले हुई थी पदोन्नति

विधानसभा सचिवालय की विज्ञप्ति/प्रकीर्ण संख्या 217/वि०स०/अधि०/6/97 टी०सी०, दिनांक 1 जुलाई 2026 के जरिए विभिन्न पदों पर पदोन्नतियां की गई थीं। इनमें समीक्षा अधिकारी से अनुभाग अधिकारी पद पर पदोन्नति भी शामिल थी।

इस पदोन्नति को लेकर कुछ समीक्षा अधिकारियों ने वरिष्ठता निर्धारण पर आपत्ति जताई थी। इसके लिए 17 जून और 14 जुलाई 2026 को प्रत्यावेदन दिए गए थे।

सचिवालय के बाद के आदेश में इस बात का उल्लेख है कि इन प्रत्यावेदनों के निस्तारण से पहले ही संबंधित पद पर पदोन्नति कर दी गई थी। वरिष्ठता निर्धारण को लेकर उठाई गई आपत्तियां ही बाद में विवाद का प्रमुख आधार बनीं।

हाईकोर्ट में दाखिल हुई याचिका

पदोन्नति और वरिष्ठता निर्धारण के इसी विवाद को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका संख्या ए-8321/2026 दाखिल की गई। याचिका में वरिष्ठता निर्धारण को लेकर आपत्तियां उठाई गई हैं।

इस मामले की पहली सुनवाई 20 अगस्त 2026 को निर्धारित थी। सुनवाई से एक दिन पहले यानी 19 अगस्त को विधानसभा सचिवालय ने वरिष्ठता निर्धारण के लिए अलग समिति गठित करने का आदेश जारी किया।

वरिष्ठता तय करने के लिए बनी अलग समिति

कार्यालय ज्ञाप संख्या 284/वि०स०/अधि०/16/26, दिनांक 19 अगस्त 2026 के जरिए कार्मिकों की वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए समिति का गठन किया गया है।

आदेश के अनुसार समिति की रिपोर्ट आने के बाद समीक्षा अधिकारियों की अनुभाग अधिकारी पद पर पदोन्नति के मामले पर संबंधित नियमों के तहत विचार किया जाएगा।

इसके बाद सचिवालय ने 1 जुलाई के पदोन्नति आदेश में संशोधन कर प्रभात दुबे की अनुभाग अधिकारी पद पर पदोन्नति निरस्त कर दी। आदेश में यह भी कहा गया है कि वरिष्ठता निर्धारण के बाद सुसंगत नियमों के अनुसार पदोन्नति की जाएगी।

प्रदीप दुबे का नाम भी विवाद में

मामले से जुड़े उपलब्ध विवरण में प्रभात दुबे के चाचा प्रदीप दुबे का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप दुबे की स्वयं की नियुक्ति को लेकर भी विवाद रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वह 30 अप्रैल 2019 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं।