कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर जो बने बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति

ढाका: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति चुने गए हैं। गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को हुए संसदीय चुनाव में उन्हें 255 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद को 88 वोट हासिल हुए। ओली अहमद जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय गठबंधन के उम्मीदवार थे।
चीफ इलेक्शन कमिश्नर एएमएम नासिर उद्दीन ने मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार दोपहर नतीजे घोषित किए। मतदान नेशनल पार्लियामेंट भवन के सेशन हॉल में करीब दोपहर 2 बजे शुरू हुआ। कार्यवाहक राष्ट्रपति हाफिज उद्दीन अहमद बीर बिक्रम ने सबसे पहले वोट डाला। डिप्टी स्पीकर बैरिस्टर कैसर कमाल, प्रधानमंत्री तारिक रहमान और राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने भी मतदान किया।
BNP सांसद मिर्जा अब्बास मतदान में हिस्सा नहीं ले सके। बताया गया कि उनका इलाज चल रहा है।
संसद में हुआ राष्ट्रपति चुनाव
राष्ट्रपति चुनाव की निगरानी मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने की। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर की भूमिका भी निभाई। चुनाव आयोग और संसद सचिवालय के अधिकारियों ने मतदान और चुनावी कार्यवाही में सहयोग किया।
संसद में BNP के दो-तिहाई बहुमत के कारण मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर की जीत की उम्मीद पहले से जताई जा रही थी। इसके बावजूद चुनाव में उनकी जीत का अंतर और विपक्षी उम्मीदवार ओली अहमद को मिले वोटों पर नजर रही।
BNP के चीफ व्हिप नूरुल इस्लाम मोनी के मुताबिक, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को शाम 7:30 बजे बंगभवन में पद की शपथ लेंगे।
35 साल बाद राष्ट्रपति पद पर सीधा मुकाबला
बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए पिछली बार 8 अक्टूबर 1991 को मुकाबला हुआ था। इसके बाद 1996, 2001, 2002, 2009, 2013, 2018 और 2023 में हुए राष्ट्रपति चुनावों में मतदान की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि इन चुनावों में सिर्फ एक उम्मीदवार मैदान में था।
इस बार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और ओली अहमद के बीच मुकाबला हुआ। 11 पार्टियों के गठबंधन का समर्थन ओली अहमद के साथ था, लेकिन मतदान में उन्हें 88 वोट ही मिले।
कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर?
मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ठाकुरगांव-1 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं और मिनिस्टर ऑफ लोकल गवर्नमेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। इससे पहले 2001 से 2006 के बीच सरकार में रहते हुए उन्होंने कृषि राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। बाद में उन्होंने नागरिक उड्डयन और पर्यटन मंत्रालय में भी इसी पद पर काम किया।
उनका जन्म 26 जनवरी 1948 को ठाकुरगांव जिले में हुआ था। उनके पिता मिर्जा रूहुल अमीन पूर्व सांसद थे, जबकि उनकी मां मिर्जा फातिमा अमीन थीं।
मिर्जा फखरुल इस्लाम की पत्नी राहत आरा बेगम हैं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता से पढ़ाई की है और ढाका में एक बीमा कंपनी में काम करती हैं। दंपति की दो बेटियां हैं, डॉ. शमरुह मिर्जा और मिर्जा सफारुह।
ओली अहमद को 88 वोट, 11 दलों का था समर्थन
राष्ट्रपति चुनाव में मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के सामने कर्नल (रिटायर्ड) ओली अहमद उम्मीदवार थे। ओली अहमद बांग्लादेश के वरिष्ठ राजनेता और LDP के मौजूदा अध्यक्ष हैं।
30 सितंबर 1941 को जन्मे ओली अहमद ने अपने राजनीतिक जीवन में BNP नेता और सांसद के तौर पर भी काम किया है। उन्होंने सरकार में कई मंत्री पद संभाले। बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई में भी उन्होंने हिस्सा लिया।
ओली अहमद को BNP के संस्थापक सदस्यों में शामिल माना जाता है। अक्टूबर 2006 में उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं के साथ BNP छोड़ दी थी और LDP के गठन में मदद की। वे वर्तमान में इसी पार्टी के अध्यक्ष हैं।
शुक्रवार को बंगभवन में शपथ
चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद अब मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के शपथ ग्रहण की तैयारी है। BNP के चीफ व्हिप नूरुल इस्लाम मोनी के अनुसार, वे शुक्रवार 21 अगस्त को शाम 7:30 बजे बंगभवन में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।
“बांग्लादेश में राष्ट्रपति का पद मुख्यतः संवैधानिक और औपचारिक है, जबकि कार्यकारी सत्ता प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल के पास रहती है।”
