8वां वेतन आयोग: सितंबर-अक्टूबर में बैठकों का दौर, जानिए पूरा शेड्यूल

नई दिल्ली: देश के 49 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। आयोग के गठन को करीब 10 महीने पूरे हो चुके हैं और इस दौरान विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, कर्मचारी संगठनों और पेंशनर यूनियनों के साथ परामर्श का दौर जारी है। आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करने से पहले देश के विभिन्न राज्यों का दौरा कर रहा है, जिसके तहत सितंबर और अक्टूबर 2026 में बैठकों का एक विस्तृत शेड्यूल तय किया गया है।
इस कड़ी में सितंबर का महीना बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है, जहां कई शहरों में आयोग की बैठकें और आगामी बैठकों के लिए आवेदन की डेडलाइन तय की गई हैं।
सितंबर 2026: बैठकों की तारीखें और शेड्यूल
आयोग की टीम इस महीने दक्षिण से लेकर उत्तर भारत के कई प्रमुख केंद्रों का दौरा करेगी:
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7 और 8 सितंबर (चेन्नई): आयोग की टीम सबसे पहले तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई का दौरा करेगी। इन दो दिनों में उन कर्मचारी व पेंशनर संगठनों को अपनी मांगें रखने का अवसर मिलेगा, जिन्होंने 18 अगस्त तक अपने मेमो के साथ ऑनलाइन अनुरोध दर्ज कराया था।
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9 सितंबर (पुडुचेरी): चेन्नई के बाद आयोग 9 सितंबर को पुडुचेरी पहुंचेगा। यहां भी 18 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन करने वाले संगठनों से सुझाव लिए जाएंगे।
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16, 17 और 18 सितंबर (चंडीगढ़): इसके बाद आयोग का अगला पड़ाव चंडीगढ़ होगा। यहां तीन दिनों तक केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अलावा पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी व पेंशनर संगठन अपनी बात रख सकेंगे। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 25 अगस्त थी।
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18 सितंबर की डेडलाइन: अक्टूबर में होने वाली बैठकों के लिए आयोग ने 18 सितंबर की समयसीमा तय की है। बेंगलुरु बैठक में शामिल होने के इच्छुक संगठनों को इस तारीख तक आधिकारिक पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑनलाइन अनुरोध सबमिट करना होगा।
अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का संभावित दौरा
अक्टूबर के पहले हफ्ते में आयोग कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचेगा। यहां 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, आयोग द्वारा मुंबई में रेलवे कर्मचारियों की जमीनी कार्यदशाओं और समस्याओं का जायजा लेने के लिए एक विशेष बैठक की भी संभावना है, हालांकि मुंबई दौरे की आधिकारिक तारीखों का ऐलान होना अभी बाकी है।
किन प्रमुख मुद्दों पर हो रहा है मंथन?
इन क्षेत्रीय बैठकों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारी यूनियनों और पेंशनर्स फेडरेशनों से सीधे इनपुट जुटाना है ताकि आयोग एक संतुलित रिपोर्ट तैयार कर सके। बैठकों के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं:
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नया पे मैट्रिक्स और बेसिक सैलरी स्ट्रक्चर
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फिटमेंट फैक्टर का निर्धारण
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महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की गणना
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मकान किराया भत्ता (HRA) और अन्य भत्ते
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पदोन्नति (प्रमोशन), इंक्रीमेंट और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार
मई 2027 तक रिपोर्ट की डेडलाइन
जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जिसकी अंतिम समयसीमा मई 2027 है। हालांकि, माना जा रहा है कि आयोग अपनी सिफारिशें 2027 की शुरुआत में ही केंद्र सरकार को सौंप सकता है। पूर्व वेतन आयोगों के इतिहास को देखते हुए कर्मचारियों की नजर इस बात पर भी टिकी है कि सिफारिशें सौंपे जाने के बाद सरकार इन्हें किस तारीख से प्रभावी रूप से लागू करती है।
