योग से फायदा चाहिए तो इन गलतियों से बचें, जानिए जरूरी सावधानियां

yoga
अपूर्वा त्रिपाठी, योग एक्सपर्ट
अपूर्वा त्रिपाठी

योग हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है जो शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है, लेकिन इसका पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे सही तकनीक और पूरी सावधानी के साथ किया जाए। बिना जानकारी या गलत तरीके से किए गए योगासन फायदे की जगह शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने योग अभ्यास शुरू करने से पहले कुछ जरूरी नियमों और सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है। मंत्रालय का कहना है कि योग सीखना सिर्फ किसी को देखकर नकल करना या निर्देशों का पालन करने से कहीं अधिक है।

एक्सपर्ट की देखरेख में शुरू करें अभ्यास

आयुष मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, शुरुआती लोगों को हमेशा किसी योग एक्सपर्ट या थेरेपिस्ट की देखरेख में ही योग की तकनीकें सीखनी चाहिए। विशेषज्ञ की निगरानी में अभ्यास करने से शरीर का सही पॉश्चर और सांस लेने की सही तकनीक समझने में मदद मिलती है। गलत तरीके से आसन करने से मांसपेशियों में खिंचाव या दर्द हो सकता है, जिससे एक्सपर्ट बचाते हैं। यदि किसी व्यक्ति को पुरानी बीमारी, जोड़ों का दर्द या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो ट्रेनर उसकी शारीरिक स्थिति के मुताबिक ही योग अभ्यास तय करते हैं।

भोजन और समय का रखें खास ख्याल

योग का सही तरीका समझने के लिए इसे केवल शारीरिक कसरत न मानकर शरीर, मन और श्वास के तालमेल की एक प्रक्रिया मानना चाहिए। आयुष मंत्रालय के अनुसार, योग करने का सबसे उत्तम समय सूर्योदय होता है, हालांकि सूर्यास्त के बाद भी इसे किया जा सकता है। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना जरूरी है कि योगासन हमेशा भोजन करने के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद ही किए जाएं।

क्षमता के अनुसार करें हल्के आसनों से शुरुआत

अभ्यासकर्ताओं को अपनी शारीरिक जरूरत और क्षमता के अनुसार ही योगासन करने चाहिए। हमेशा हल्के और सामान्य आसनों से शुरुआत करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ताड़ासन, कटी चक्रासन या शशांक भुजंग गति जैसे आसन शामिल हैं। शरीर की क्षमता का सम्मान करते हुए धीरे-धीरे अभ्यास करने से झटके और मांसपेशियों के खिंचाव जैसी समस्याओं से आसानी से बचा जा सकता है।

जागरूकता के साथ खुद अभ्यास की ओर बढ़ें

शुरुआत में किसी एक्सपर्ट से योग सीखने के बाद, जब अभ्यासकर्ता को बेसिक आसनों की सही समझ आ जाए, तो वह धीरे-धीरे खुद से प्रैक्टिस की तरफ बढ़ सकता है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि योग करते समय शरीर की क्षमताओं का सम्मान करना और हर गतिविधि को धीमा व झटके रहित रखना बेहद जरूरी है। एक बार सही तरीका सीखने के बाद अपनी जरूरत के अनुसार अभ्यास जारी रखें और कोई भी परेशानी या दुष्प्रभाव महसूस होने पर तुरंत अपने इंस्ट्रक्टर या थेरेपिस्ट को इसकी जानकारी दें।