UNSC में भारत का पाकिस्तान पर निशाना, ‘9/11 आतंकी शहरों में छिपे थे’
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया के सामने बेनकाब किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकियों की ‘सुरक्षित पनाहगाहों’ पर गंभीर कार्रवाई की अपील करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि किस तरह एक देश सरकारी नीति के रूप में आतंकवाद का समर्थन कर रहा है और वैश्विक शांति के लिए खतरा बना हुआ है।
ओसामा और 9/11 के आतंकी दूर-दराज नहीं, शहरों में मिले
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान की ओर सीधा इशारा करते हुए 9/11 हमलों के साजिशकर्ताओं का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अल-कायदा के आतंकी—ओसामा बिन लादेन, खालिद शेख मोहम्मद, रमजी बिन अल-शिभ, वलीद बिन अताश और मुस्तफा अहमद अल-हवसावी—किसी दूर-दराज के जंगली या कानून-विहीन इलाके में नहीं, बल्कि शहरी इलाकों में सुरक्षित बसे हुए पाए गए थे।
भारत ने मई 2011 में अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन नेप्च्यून स्पीयर’ का हवाला दिया, जिसमें दुनिया के सबसे वांछित आतंकी ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक सुरक्षित परिसर से ढूंढ़कर मारा गया था।
लश्कर और जैश बदल रहे हैं अपनी पहचान
भारतीय प्रतिनिधि ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे खूंखार आतंकी संगठनों का जिक्र करते हुए UNSC का ध्यान इस ओर खींचा कि इन संगठनों को पनाह दी जा रही है। ये आतंकी नेटवर्क संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों से बचने के लिए लगातार अलग-अलग नामों और पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसे संगठनों के नेतृत्व और उनके आतंकी प्रशिक्षण ढांचों को किसी भी कीमत पर बचने का मौका नहीं मिलना चाहिए।
केवल प्रतिबंध काफी नहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का किया जिक्र
भारत ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ सिर्फ कागजी प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन जमीनी परिस्थितियों और नेटवर्क्स को पूरी तरह नष्ट करना होगा जो आतंकियों को संसाधन मुहैया कराते हैं।
अपने बयान में भारत ने मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का भी प्रमुखता से जिक्र किया। भारत ने बताया कि इस कड़े अभियान के दौरान पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों (PoK) में मौजूद लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े ठिकानों को सीधा निशाना बनाया गया था।
अदालत और अंतरराष्ट्रीय मंचों से भारत ने UNSC से यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि आतंकवाद से जुड़े लोगों को किसी भी देश में सुरक्षित पनाह न मिले, ताकि निर्दोष परिवारों को भविष्य में ऐसी त्रासदियों का सामना न करना पड़े।
