UPI पेमेंट पर राहत, NPCI ने MDR लागू करने का फैसला क्यों टाला?

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) से जुड़े मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर चल रही अटकलों पर नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने खुद स्थिति साफ कर दी है। NPCI ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि कुछ खास दुकानदारों वाले UPI ट्रांजैक्शन (P2M – Person to Merchant) पर MDR दिवाली के तुरंत बाद लागू किया जाएगा। सबसे बड़ी और राहत की बात यह है कि इस चार्ज का आम ग्राहकों से कोई लेना-देना नहीं है।
दिवाली तक कोई चार्ज नहीं, 15 अक्टूबर से लागू होने की थी तैयारी
NPCI की यूपीआई और सर्विसेज स्टीयरिंग कमेटी ने 13 अक्टूबर (मंगलवार) को हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया है। कमेटी ने तय किया है कि चूंकि अभी त्योहारों का सीजन चल रहा है, इसलिए ग्राहकों और दुकानदारों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाने के लिए दिवाली तक कोई नया चार्ज नहीं लगाया जाएगा।
इससे पहले NPCI 15 अक्टूबर से ही यूपीआई पर एमडीआर लागू करने की तैयारी में था। अब इसे दिवाली के बाद लागू किया जाएगा, जिसकी सटीक तारीख का नोटिफिकेशन अलग से जारी होगा।
आम ग्राहकों की जेब पर नहीं पड़ेगा असर, पहले की तरह फ्री रहेगा UPI
MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) वह फीस होती है जो किसी भी दुकानदार (मर्चेंट) को डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने पर बैंक या पेमेंट कंपनी को चुकानी पड़ती है।
NPCI ने साफ किया है कि आम ग्राहक (कस्टमर) को अपनी जेब से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं देना होगा। UPI आपके लिए पहले की तरह ही पूरी तरह फ्री रहेगा। चाहे आप 10 रुपये का पेमेंट करें, 100 का या फिर 1000 रुपये का, आपके बैंक खाते से कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं कटेगा। आप बेझिझक PhonePe, Google Pay और Paytm का इस्तेमाल कर सकते हैं।
तो फिर यह चार्ज किसे देना होगा?
NPCI का यह नया नियम केवल बड़े व्यापारियों या बड़े मर्चेंट्स पर कुछ खास तरह के हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन के लिए लागू होगा। छोटे दुकानदारों, ठेले वालों और मोहल्ले के किराना स्टोर वालों को इस चार्ज से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य बड़े मर्चेंट्स के ट्रांजैक्शन के जरिए UPI सिस्टम को चलाने के भारी खर्च की भरपाई करना और बैंकों को थोड़ा आर्थिक लाभ पहुंचाना है, ताकि देश का डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर सुचारू रूप से काम करता रहे।

