आंसर शीट में पैसे रखना पड़ा भारी, चेकिंग में 400 से ज्यादा छात्र पकड़े गए

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Saima Siddiqui
Saima Siddiqui

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP MSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट या इम्प्रूवमेंट परीक्षा में शॉर्टकट तरीके से पास होने की कोशिश करने वाले छात्रों को बड़ा झटका लगा है। परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं (Answer Sheets) में पैसे रखकर पास होने की उम्मीद लगाने वाले 400 से ज्यादा परीक्षार्थियों का रिजल्ट बोर्ड ने रोक (Withheld) दिया है।

डिजिटल चेकिंग में कैसे पकड़े गए नोट?

यूपी बोर्ड के इतिहास में पहली बार कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन पूरी तरह से ऑनलाइन (डिजिटल) कराया गया था।

  • प्रदेश के कई जिलों से उत्तरपुस्तिकाएं प्रयागराज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) लाई गईं, जहां कॉपियों की हाई-रिजोल्यूशन स्कैनिंग की गई।

  • जब मूल्यांकनकर्ताओं ने कंप्यूटर स्क्रीन पर कॉपियों को जांचना शुरू किया, तो स्कैन पन्‍नों के बीच चिपकी हुई 20,000 रुपये से अधिक की नकदी (करेंसी नोट) नजर आ गई।

  • यूपी बोर्ड ने इस साल से कॉपियों में पैसे रखने को ‘अनुचित साधन’ (Unfair Means – UFM) के दायरे में शामिल किया है। बरामद किए गए सभी रुपयों को सरकारी राजकोष में जमा करा दिया गया है।

क्या होगा इन 400 से ज्‍यादा छात्रों का?

रिजल्ट रुकने का मतलब यह नहीं है कि छात्रों पर कार्रवाई पूरी हो गई है। बोर्ड इन सभी परीक्षार्थियों को अपनी सफाई पेश करने का मौका देगा। संबंधित छात्रों को उनके जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं। छात्रों द्वारा दी गई दलीलों और जांच रिपोर्ट के आधार पर यूपी बोर्ड की परीक्षा समिति इस पर अपना अंतिम निर्णय लेगी।

रिजल्ट रुकने का छात्रों पर क्या असर पड़ेगा?

  • कम्पार्टमेंट परीक्षा: जिन छात्रों ने फेल होने के बाद यह परीक्षा दी थी और उनका रिजल्ट रोका गया है, उनका परिणाम फिलहाल घोषित नहीं माना जाएगा।

  • इम्प्रूवमेंट परीक्षा: जिन छात्रों ने सिर्फ नंबर बढ़ाने के लिए इम्प्रूवमेंट परीक्षा दी थी, वे अपनी मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर पास रहेंगे, लेकिन उनके इम्प्रूवमेंट का नया रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा।

यूपी बोर्ड कम्पार्टमेंट परीक्षा 2026 के आंकड़े

  • 10वीं (हाईस्कूल): कुल 20,855 में से 19,394 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 19,191 पास हुए।

  • 12वीं (इंटरमीडिएट): कुल 21,227 में से 20,540 छात्र परीक्षा में शामिल हुए, जिनमें से 16,286 पास हुए।

यूपी बोर्ड ने कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि केवल पढ़ाई और मेहनत से ही नंबर मिलेंगे। कॉपियों में पैसे रखकर परीक्षकों को प्रभावित करने की कोशिशों या अनुचित तरीकों का इस्तेमाल करने वाले छात्रों का सीधा रिजल्ट रोका जाएगा।