मास्टरमाइंड निकला प्रोफेसर, 11 हजार में बेचा था कीटशास्त्र का पेपर

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संजीव पॉल
संजीव पॉल

रायपुर: इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) की कीटशास्त्र परीक्षा का पेपर लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले का मुख्य आरोपी कोई छात्र नहीं, बल्कि दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर है। आरोप है कि प्रोफेसर ने परीक्षा के सीलबंद लिफाफे के साथ छेड़छाड़ कर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की और उसकी जानकारी छात्रों को 11 हजार रुपये में बेच दी।

पुलिस के अनुसार, 20 अगस्त को परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के जरिए मिली थी। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी WhatsApp पर प्रश्नपत्र के कुछ सवाल वायरल होने की जानकारी दी थी। इसके बाद रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने जांच शुरू की और करीब 36 घंटे में छह आरोपियों तक पहुंच गई।

सोशल मीडिया से शुरू हुई जांच, डिजिटल सुरागों ने खोली कड़ी

पेपर लीक की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल स्क्रीनशॉट, फोटो, मैसेज और दूसरी डिजिटल सामग्री की जांच की। जांच का फोकस इस बात पर था कि प्रश्नपत्र की जानकारी सबसे पहले किस मोबाइल नंबर, अकाउंट या डिजिटल माध्यम से बाहर आई।

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल डेटा, लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों के तकनीकी विश्लेषण से वायरल सामग्री की कड़ी तैयार की गई। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस दुर्ग निवासी अनुज मिंज तक पहुंची। इसके बाद उससे पूछताछ की गई और मामले से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी सामने आई।

पुलिस ने रायपुर, दुर्ग, कबीरधाम, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजीं। जांच में 100 से अधिक पुलिसकर्मी लगाए गए और करीब 36 घंटे की तकनीकी व मैदानी पड़ताल के बाद छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

सीलबंद लिफाफे में छेद कर मोबाइल से बनाई वीडियो

पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के तौर पर योगेश सोनकेसरिया का नाम सामने आया है। वह वर्ष 2019 से दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत बताया गया है।

पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को सोनकेसरिया कृषि महाविद्यालय रायपुर में अपने कॉलेज की उत्तरपुस्तिकाएं जमा करने गया था। वहीं उसे आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों के सीलबंद पैकेट सौंपे गए। आरोप है कि सभी पैकेट कॉलेज ले जाने के बाद उसने 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र अपने घर ले लिया।

जांच एजेंसी के अनुसार, उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से सीलबंद लिफाफे में छोटा छेद किया। इसके बाद मोबाइल कैमरे को लिफाफे के अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई। इसी रिकॉर्डिंग से प्रश्नपत्र की सामग्री तैयार कर छात्रों तक पहुंचाई गई।

11 हजार रुपये में छात्रों को बेचा गया प्रश्नपत्र

पुलिस के मुताबिक, प्रोफेसर ने प्रश्नपत्र की जानकारी अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेची थी। इसके बाद प्रश्नपत्र कई अन्य छात्रों तक पहुंचा।

जांच में सामने आया कि अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया था। इसके बाद प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और विश्वविद्यालय के अधिकारियों तक इसकी जानकारी पहुंची।

मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और पेपर लीक के लिए इस्तेमाल किए गए बताए जा रहे उपकरण बरामद किए हैं।

सुई, कनेक्टर और रिकॉर्डिंग डिवाइस समेत कई सामान जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, मोबाइल कनेक्टर, सुई, सुजा, कॉपी और फेविकोल समेत कई सामान जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, इन वस्तुओं का इस्तेमाल सीलबंद प्रश्नपत्र के साथ छेड़छाड़ और उसकी रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया में किया गया था।

पेपर लीक की जांच में इन बरामद सामान और डिजिटल साक्ष्यों को अहम माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के आधार पर प्रश्नपत्र के एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुंचने की पूरी कड़ी तैयार की है।

दो आरोपी फरार, तलाश जारी

जांच के मुताबिक नेटवर्क से जुड़े दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज से जुड़े हैं।

किस परीक्षा का लीक हुआ था पेपर?

मामला इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि महाविद्यालयों में होने वाली BSc Agriculture द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा से जुड़ा है। जिस विषय का प्रश्नपत्र लीक हुआ, वह AGCH-221 यानी कीटशास्त्र (Entomology) है।

मामले में थाना तेलीबांधा में छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2008 की धारा 4, 5 और 10 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 के तहत केस दर्ज किया गया है।