होर्मुज पर बैठक टली, ईरान ने सऊदी पर लगाया दबाव का आरोप

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अजमल शाह
अजमल शाह

सामरिक और रणनीतिक रूप से संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर ओमान में होने वाली क्षेत्रीय देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक स्थगित कर दी गई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को अपनी साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि ओमान के सलालाह में प्रस्तावित यह बैठक सऊदी अरब के अनुरोध के बाद रद्द की गई है।

दूसरी ओर, ईरानी विदेश मंत्रालय के फारस की खाड़ी विभाग के महानिदेशक मोहम्मद अलीबेक ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सहमति को ध्यान में रखते हुए और कुछ क्षेत्रीय देशों के आग्रह पर ईरान और ओमान ने मिलकर बैठक को आगे की तारीख के लिए टालने का फैसला लिया है।

ईरान-ओमान के बीच समुद्री मार्ग समझौते पर मुहर

विदेश मंत्रियों की बहुपक्षीय बैठक टलने के बीच ईरान और ओमान ने द्विपक्षीय स्तर पर समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तटीय देश होने के नाते ईरान और ओमान के बीच हफ्तों की बातचीत के बाद यह सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि ओमान के साथ विचार-विमर्श के बाद अगले कदम, समझौते के पंजीकरण और इसे सार्वजनिक करने के प्रारूप पर निर्णय लिया जाएगा।

बघाई ने कहा कि यह बैठक तेहरान और मस्कट द्वारा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए तैयार किया गया एक महत्वपूर्ण अवसर थी। उन्होंने कहा कि किसी अन्य देश की अनिच्छा या टूटे वादों के आधार पर ईरान अपने तर्कसंगत और रणनीतिक फैसलों को पीछे नहीं खींचेगा। प्रवक्ता के अनुसार, मुस्लिम देशों के बीच तनाव जारी रहने का सीधा फायदा सिर्फ ‘जायोनी शासन’ (इजरायल) को होता है, जो पूरे क्षेत्र को अस्थिर रखना चाहता है।

तीन महीने की बातचीत और ‘फेज्ड फ्रेमवर्क’

होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के लिए ईरान और ओमान पिछले लगभग तीन महीनों से बातचीत कर रहे हैं। 25 अगस्त को दोनों देशों ने एक चरणबद्ध ढांचे (Phased Framework) पर चर्चा की जानकारी दी थी। इसके तहत शुरुआती दौर में एक अस्थायी संयुक्त समुद्री गलियारा (Joint Maritime Corridor) बनाने और साझा बारूदी सुरंग हटाने (माइन-क्लियरेंस) का प्रोजेक्ट शामिल था।

अधिकारियों के मुताबिक, तटीय देशों की संप्रभुता की रक्षा करते हुए स्थायी नेविगेशन कॉरिडोर और जलमार्ग के भविष्य के संचालन के लिए तकनीकी वार्ता आगे भी जारी रहेगी।

वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का अहम चोकपॉइंट

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा चोकपॉइंट है, जहां से दुनिया की कुल तेल मांग का लगभग 20 प्रतिशत (पांचवां हिस्सा) गुजरता है। ईरान ने 28 फरवरी को अपने ऊपर हुए अमेरिका-इजरायल के सैन्य हमलों के बाद से ही सुरक्षा चिंताओं और अपनी संप्रभुता की सुरक्षा का हवाला देते हुए इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और क्षेत्रीय स्तर पर सुरक्षित गलियारे की तलाश की जा रही है।